Friday, October 23rd, 2026

दुरुस्त होगी निकायों की सेहत, टाइड ग्रांट की राशि स्वीकृत

भोपाल
प्रदेश के नगरीय निकायों को पंद्रहवे वित्त आयोग से दो अरब 98 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है। इस राशि से निकायों की सेहत को संवारने की कवायद की जाएगी। निकायों में पेयजल, सालिड वेस्ट और सीवरेज के काम इस राशि से किए जाएंगे।

केन्द्र सरकार के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में पंद्रहवे वित्त आयोग के अंतर्गत टाईड ग्रांट की पहली किस्त नॉन मिलियन प्लस वाले नगरीय निकायों की जनसंख्या 2011 के आधार पर 90 प्रतिशत एवं निकाय के क्षेत्रफल के आधार पर दस प्रतिशत एवं छावनी बोर्डों को जनसंख्या के आधार पर यह राशि स्वीकृत की गई है। अलग-अलग चार किस्तों में यह राशि स्वीकृत की गई है।

 पहली किस्त के रूप में  16 सितंबर को एक अरब 72 लाख रुपए मंजूर किए गए है। इसके अलावा 19 करोड़ 8 लाख रुपए की दूसरी किस्त, इसके अलावा  एक अरब 38 कोड़ 38 लाख की तीसरी किस्त और चौथी किस्त के रुप में 19 सितंबर को चालीस करोड़ 80 हजार रुपए  दिए गए है। यह राशि संयुक्त संचालक नगरीय विकास द्वारा दिए जाएंगे। स्वीकृत राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र भी संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, नगरीय निकायों से प्राप्त कर सीधे महालेखाकार ग्वालियर को भेजकर संचालनालय को सूचित करेंगे।
 
 प्रदेश के नगरीय निकायों में कई बार केन्द्रीय योजनाओं में देने के लिए खुद के अंश की राशि नहीं होती। इस राशि से निकायों के अंश का भुगतान किया जा सकेगा। इसके अलावा सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों में पेयजल के जो काम नहीं हो पा रहे है। अधूरे पड़े है उन्हें इस पंद्रहवे वित्त से पूरा किया जा सकेगा। टंकिया लगाने और टंकियों से पाइपलाइन के जरिए नलों से घर-घर पानी पहुंचाने के काम इससे निकायों में हो सकेंगे। छोटी पाइपलाइन डालने के काम भी हो सकेंगे।

सालिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज के काम भी इस राशि से होंगे। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में कचरे के सेग्रीगेशन,कचरे से खाद बनाने और कचरे का अन्य उपयोग किए जाने के लिए प्लांट की स्थापना का काम भी इस मद से हो सकेगा। इसके अलावा सीवरेज प्रबंधन, जलस्रोतों में सीवरेज मिलना रोकने के इंतजाम, सीवरेज लाइनें डालने,उनकी मरम्मत का काम भी इस राशि से हो सकेगा। इस राशि से प्रदेश में स्वच्छ भारत अभियान के क्रियान्वयन में भी मदद मिल सकेगी।

 

 

#Tide Grant

Source : Agency

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