सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को सरकार ने दी पौने दो करोड़ फीस
भोपाल
प्रमोशन में रिजर्वेशन में राज्य सरकार ने करीब दो साल में पौने दो करोड़ रुपए का भुगतान वकीलों को फीस के रूप में किया है। इन वकीलों की ओर से अदालत में मौजूद रहकर सरकार के प्रमोशन में रिजर्वेशन दिए जाने के मामले की पैरवी की गई है। इसके लिए सरकार की ओर से दर्जन भर से वकीलों की तैनाती अलग-अलग समय में की गई थी। इस दौरान आधा दर्जन ऐसे मौके आए हैं जब दिल्ली के वकील सुनवाई में उपस्थित भी नहीं हुए हैं।
विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा के जरिये सरकार से जानकारी मांगी थी कि प्रमोशन में आरक्षण विषय पर सुप्रीम कोर्ट में एक अप्रेल 20 से 10 फरवरी 2022 के बीच कितनी तारीखें कब लगीं। इसमें शासन की ओर से नियुक्त वकीलों को कितनी राशि का भुगतान किया गया और कितना पेंडिंग है। इसकी जानकारी देते हुए सरकार की ओर से लिखित जवाब में बताया गया कि अधिवक्ता निधेश गुप्ता को 31.05 लाख, आरएस सूरी को 29.70 लाख, संजय आर हेगड़े को 27.75 लाख कृष्णन वेणुगोपाल को 16.50 लाख, मनोज गोरकेला को 39.45 लाख और रंजीत कुमार को 34.65 लाख रुपए का भुगतान 30 जनवरी 2017 से 4 अक्टूबर 2021 के बीच हुई पांच सुनवाई के दौरान दिया गया है। वकील मुकुल रोहतगी, गोपाल सुब्रमण्यम, हरीश साल्वे, इंद्रा जय सिंह, ए सुंदरम, तुषार मेहता उपस्थित नहीं हुए थे। इन्हें भुगतान नहीं होने की जानकारी दी गई है। दो अन्य वकील जज बन चुके हैं और एक अन्य का निधन हो चुका है।

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