Saturday, October 24th, 2026
Breaking
  •    आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित  •    योगी सरकार में बेटियों के विवाह की पहल लोकप्रियता के शिखर पर, सामूहिक विवाह योजना में 1.16 लाख से अधिक आवेदन  •    जातीय कला, संस्कृति और हुनर को मिलेगा नया बाजार, कारीगरों की आर्थिक समृद्धि का सशक्त माध्यम बनेगा ‘आदि बाजार 2026’ : मंत्री रामविचार नेताम  •    नर्मदा सिंचाई परियोजना से धार-झाबुआ के 260 गांवों को लाभ, 57 हजार हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित  •    भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित पुस्तकों के लेखन के लिए भोपाल में दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

केंद्र के अध्यादेश के बाद पहला आदेश, दिल्ली सरकार के इस फैसले को पलटा

नई दिल्ली
 दिल्ली सरकार के विशेष सचिव (सतर्कता) वाईवीवीजे राजशेखर को सोमवार को उनके पद पर बहाल कर दिया गया। एक सप्ताह पहले राजशेखर को उनके पद से हटा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि “संवेदनशील फाइलों से छेड़छाड़” करने के लिए उनके कार्यालय में सेंध लगाई गई थी। सचिव (सतर्कता) द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि राजशेखर "हमेशा की तरह" काम फिर से शुरू करेंगे और सभी सहायक निदेशक काम के संबंध में स्थिति में 10 मई जैसी स्थिति बनाए रखेंगे।

सतर्कता मंत्री सौरभ भारद्वाज के आदेश पर राजशेखर से उनका सारा काम छीन लिया गया था और उनसे फाइलें ले ली गई थीं। आदेश में सेवा मामलों को उपराज्यपाल के नियंत्रण में लाने से संबंधित केंद्र के हालिया अध्यादेश के मद्देनजर कमरा संख्या 403 (विशेष सचिव, सतर्कता) और 404 (विशेष सचिव, सतर्कता का गोपनीय खंड) की सील हटाने का भी निर्देश दिया गया है।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने राजशेखर की उस शिकायत की जांच शुरू कर दी है जिसमें उन्होंने सचिवालय में अपने कार्यालय का ताला खोलने और आबकारी नीति और मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण की जांच से जुड़ी फाइलों समेत 'संवेदनशील' फाइलों से 'छेड़छाड़' किये जाने का आरोप लगाया था।

 

 

#केंद्र के अध्यादेश

Source : Agency

पाठको की राय