शहरी क्षेत्रों में भी पूरा हो रहा है पक्के मकान का सपना
भोपाल
रोटी, कपड़ा और मकान मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकता है। पक्के घर का सपना हर परिवार देखता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार पक्के घर के सपने को पूरा करना असंभव सा लगता है, किन्तु प्रधानमंत्री आवास योजना न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी आवासहीनों के लिये वरदान बन कर आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का लाभ लेकर अनेक हितग्राही अपने पक्के घर में सुखद जीवन जी रहे हैं।
देवास निवासी गौरांग पोद्दार बड़ी गंभीर स्थिति में कच्चे मकान के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। प्रधानमंत्री आवास योजना से आज अपने पक्के घर में रह रहे हैं। योजना से उन्हें ढाई लाख रूपये की सहायता राशि मिली, जिससे पक्के घर का सपना पूरा हुआ। जमालपुरा निवासी मजदूर मुकेश को अब न सर्दी का डर रहा, न गर्मी का और न ही आंधी-बारिश का। क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से वे अब कच्चे मकान के स्थान पर अपने पक्के मकान में व्यवस्थित और सुखद जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले उज्जैन निवासी पप्पू गोयल पुराने कच्चे मकान में जीवन व्यतीत करने को विवश थे। पत्नी और दो बच्चों को घर की कमज़ोर दीवारें और छत गिरने का डर बना रहता था। इस गरीब परिवार को भी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभ मिला और आज यह परिवार अपने पक्के मकान में खुशहाल और सुरक्षित है।
नरसिंहपुर निवासी सारिका कच्चे खपरैल वाले घर में रहती थीं। भीषण गर्मी और बारिश में उनका रहना मुश्किल हो जाता था। अब प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की मदद से ढाई लाख रूपये की राशि प्राप्त कर खुद का पक्का मकान बनवा लिया है। सारिका कहती है कि अपना पक्का मकान मिल जाने से उनका परिवार खुशियों से सराबोर हो गया है।
इनकी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठाकर स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित घर में निवास कर रहे है और प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त कर रहे हैं।

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