Sunday, October 25th, 2026

कोरोना पहली-तीसरी लहर में अनाथ हुए स्टूडेंट्स को भूल गया विभाग

भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 1369 निजी और सरकारी कॉलेजों के आगामी सत्र 2022-23 की गाइडलाइन जारी कर दी है। यूजी में प्रवेश लेने 17 मई से पंजीयन शुरू होंगे। कोरोना संक्रमण के ग्रसित अनाथ हुये बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें डिग्री करने के दौरान किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करना होगा। यहां तक उन्हें परीक्षा शुल्क तक से मुक्त रखा, जबकि विभाग कोरोना की पहली लहर और दूसरी लहर में अनाथ हुये विद्यार्थियों को भूल गया है।

उच्च शिक्षा विभाग कोरोना की दूसरी लहर में अनाथ हुये विद्यार्थियों को निशुल्क डिग्री देगा। प्रदेश के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता के निधन एक मार्च 2021 से तीस जून 2021 तक कोरोना संक्रमण या किसी कारण से हुआ है। ऐसे 21 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों को विभाग सरकारी और अनुदानित कालेज और विवि के यूजी कोर्स में निशुल्क प्रवेश देगा।

इसमें उन्हें वार्षिक शुल्क, मैस के भुगतान के अलावा काशनमनी तक में राहत दी जाएगी। अध्ययनरत होने की स्थिति में विद्यार्थी की आयु 24 वर्ष तक पात्र मानी जाएगी।  वहीं निजी विश्वविद्यालय और कॉलेजों की फीस का निर्धारण प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति द्वारा किया जाता है। ऐसे कॉलेजों की फीस या 15 हजार जो  भी कम हो। उसका भुगतान बाल हितग्राही के आधार लिंक्ड बैंक खाते में की जाएगी।

वर्तमान में कोई विद्यार्थी प्रवेशरत है। उसे भी स्कीम का फायदा दिया जाएगा। विभाग से सिर्फ दूसरी लहर में प्रभावित हुये विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है,जबकि पहली और तीसरी लहर में प्रदेश में कई घर उजड़ गये हैं, जिसके कारण विद्यार्थी अनाथ हुये हैं। विभाग ऐसे विद्यार्थियों को नि:शुल्क प्रवेश नहीं देगा।

17 से होंगे पंजीयन
विभाग मई से जुलाई तक यूजी पीजी की आठ लाख सीटों पर प्रवेश कराएगा। तीन माह में विभाग एक आनलाइन काउसंलिंग और तीन सीएलसी करेगा। प्रथम राउंड की काउंसलिंग 17 मई से 16 जून तक चलेगी। प्रथम सीएलसी तीन से 23 जून तक चलेगी। दूसरी सीएलसी 13 जून से दो जुलाई तक चलेगी। इसके बाद अंतिम सीएलसी 22 जून से शुरू होकर 11 जुलाई तक चलेगी।

ऐसे होगा वेरीफिकेशन
विभाग ने पूरी प्रक्रिया आनलाइन की है। इसमें विद्यार्थियों को अपने दस्तावेज वेरीफाई कराने कॉलेजों तक नहीं जाना होगा। सीबीएसई 1 टर्म और एमपीबोर्ड से विद्यार्थियों के रोल नंबर से 12वीं का वेरीफिकेशन हो जाएगा। इसके बाद जाति, मूल निवास और अन्य दस्तावेजों को विद्यार्थियों को स्कैन कर विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। प्रोफेसर अपने लागिन पासवर्ड का उपयोग कर वेरीफिकेशन कर सकते हैं। आनलाइन वेरीफिकेशन में विद्यार्थी के दस्तावेज साफ नहीं दिखाई देते हैं, तो प्रोफेसर विद्यार्थी को सभी दस्तावेज के साथ बुलाकर वेरीफाई करेंगे। 

 

Source : Agency

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