Thursday, April 30th, 2026

अवैध दवा भंडारण के दो मामलों में कोर्ट का बड़ा फैसला, दो आरोपियों को अलग-अलग सजा

 जांजगीर-चांपा

जिले में बिना वैध अनुज्ञप्ति के दवाओं के भंडारण और संचालन से संबंधित दो मामलों में स्पेशल कोर्ट ने कठोर सजा सुनाई है. पहले मामले में आरोपी मनीष पूरन विश्वास को अधिनियम की धारा 18(ए) सहपठित धारा 28 के उल्लंघन में दोषी पाते हुए 6 महीने सश्रम कारावास और 20,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया. दूसरे मामले में आरोपी प्रणव दत्त पांडेय को धारा 18(ए), 18(सी) सहपठित धारा 28 और धारा 27(B)(i) के उल्लंघन में दोषी पाते हुए कुल 3 वर्ष और 6 महीने सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई. वहीं 1,00,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया.

विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के दवाओं का भंडारण और  बिक्री करना दंडनीय अपराध है। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी. आमजन से अपील की गई है कि दवाइयां केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें.

कोटपा अधिनियम का कड़ाई से पालन, चालानी कार्रवाई
राज्य में COTPA Act, 2003 के प्रावधानों के सख्त अनुपालन के लिए महासमुंद, मनेन्द्रगढ़–भरतपुर–चिरमिरी और रायपुर जिले के औषधि निरीक्षकों ने पिछले सप्ताह धारा 4 और 6 के तहत विशेष कार्रवाई की है. स्कूल–कॉलेजों के आसपास तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 18,700 रुपए अर्थदंड वसूल किया गया. विभाग ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाईयां आगे भी जारी रहेंगी.

 

#Illegal drug storage#court sentenced both accused to jail.

Source : Agency

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