Friday, October 23rd, 2026

हाईब्रीड तरीके से होगा नेशनल लोक अदालत में मामले का निराकरण

रायपुर
कोरोना संक्रमण के कारण न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदत्त करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। इस दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्याायालय, राजस्व न्यायालय रायपुर, गरियाबंद, तिल्दा, राजिम, तथा देवभोग में एक साथ नेशल लोक अदालत का कल शनिवार को आयोजन किया जा रहा है जिसमें लगभग 74 खण्डपीठ का गठन किया गया है। उक्त खण्डपीठों के द्वारा विभिन्न राजीनामा योग्य प्रकरणों तथा प्रीलिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। खण्डपीठों द्वारा लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में राजीनामा योग्य प्रकरण में- धारा 138, चेक बाउन्स के मामले, परिवार के विवाद संबंधी, श्रम संबध्ांी,  यातायात संबंधी, धारा 138 एनआईए. मोटर दुर्घटना, सिविल के निष्पादन प्रकरण, यातायात संबंधी, मामलों का निराकरण किया जाना है।   

इसके अतिरिक्त बैंक संबंधी, विद्युत संबंधी, नगर निगम संबंधी, नगर पालिका संबंधी, लंबित प्रकरण का भी विधिवत रूप से निराकरण किया जाएगा। इस बार विशेष रूप से जनोपयोगी/स्थायी लोक अदालत के माध्यम से भी भवन निर्माण, जलकर इत्यादि जैसे जनोपयोगी सेवाओं के मामलों का भी अधिक से अधिक संख्या में निराकरण किया जाएगा। नेशनल लोक अदालत में आम जनता को राहत देने हेतु लॉकडाउन के दौरान धारा 188 भा.द.सं., महामारी अधिनियम तथा अन्य लघु अपराधों का भी निराकरण किया जाएगा। इस लोक अदालत में कोई भी पक्षकार जो लोक अदालत से संबंधित किसी भी प्रकरण का निराकरण कराना चाहता है तो वह 11 सितम्बर को उपस्थित होकर भी अपने प्रकरण का निराकरण करा सकता है। लोक अदालत का उद्देश्य कोरोना संक्रमण काल में पीड़ित व्यक्तियों को अधिक से अधिक संख्या में न्याय प्रदान करने का है। इस बार विशेष रूप से नेशनल लोक अदालत का आयोजन भारत के आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव के तहत आयोजित किया जा रहा है।

 

Source : Agency

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