तिरंगे के तीन रंगों में छुपा हैं प्रगति का मूल मंत्र : बी. के. रीना
( अमिताभ पाण्डेय)
भोपाल। ( अपनी खबर)
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में तीन रंग केसरिया, सफेद और हरा समाहित हैं। तिरंगे में मौजूद केसरिया रंग को साहस और बलिदान अर्थात त्याग का प्रतीक माना जाता है। वहीं सफेद रंग सच्चाई, शांति और पवित्रता की निशानी है। तिरंगे के तीसरे यानी हरे रंग को सन्पन्नता अर्थात समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हर भारत वासी यदि तिरंगे के तीनों रंगों के अर्थ को समझकर उनपर यथार्थ रीति से चलने का दृढ़ संकल्प ले तो अगले 25 वर्षों मे भारत विश्व में मार्गदर्शक के रूप मे भूमिका निभाएगया | तिरंगे के तीनों रंगों मे ही भारत की प्रगति का मूल मंत्र समय हुआ है |
उक्त आशय के उद्गार *ब्रह्माकुमारीज गुलमोहर सेवाकेन्द्र की प्रभारी बी. के. डॉ. रीना ने हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए |
उन्होंने कहा कि केसरिया रंग को बलिदान अर्थात त्याग का प्रतीक कहते हैं। यह रंग राष्ट्र के प्रति हिम्मत और निस्वार्थ भावनाओं को दिखाता है। केसरिया रंग को आध्यात्म और उर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। साथ ही जीवन से दुर्गुणों एवं कमजोरियों का त्याग कर सद्गुणों को अपनाकर एक श्रेस्ठ मानव बनाने की शिक्षा देता है |
तिरंगे का श्वेत रंग शांति का प्रतीक है | शांति आत्मा का स्वधर्म है | यदि हम अपने परमपिता परमात्मा से शांति की शक्ति लेकर उसके प्रकंपन विश्व मे फैलाएं तो विश्व मे शांति स्थापित हो सकती है |
यदि हम पाँच विकारों को छोड़कर अपने स्वधर्म मे स्थित हों तो समृद्धि हमारे जीवन मे स्वतः ही आ जाएगी |
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत तिरंगा यात्रा ब्रह्माकुमारीज दानिश नगर सेवा केंद्र द्वारा निकाली गई | इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज दानिश नगर सेवा केंद्र के प्रभु अनुभूति उपवन में बी. के. डॉ. रीना नें आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर मानवीय मूल्यों का महत्व भी बताया | इस अवसर पर सैकड़ों भाई बहनों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया एवं उन्हें देश की रक्षा, देश की संस्कृति की रक्षा एवं तिरंगे का वास्तविक अर्थ बताया गया | सभी उपस्थितों को देश की रक्षा की प्रतिज्ञा दिलाई गई | तिरंगा यात्रा ब्रह्माकुमारीज दनिश नगर से प्रारंभ होकर आशिमा मॉल, मिसरोद होते हुए रजत विहार प्रभु अनुभूति उपवन में समाप्त हुई |
ध्वजारोहण एवं तिरंगा यात्रा मे ब्रह्माकुमारीज के सैकड़ों भाई बहनें सम्मिलित हुए।

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