Wednesday, October 21st, 2026

अश्वो के सार्वजनिक उपयोग पर प्रतिबंध जल्द समाप्त

भोपाल
 ग्लैंडर्स बीमारी के चलते अश्व प्रजाति के पशुओं के सार्वजनिक उपयोग पर भोपाल में लगा प्रतिबंध अगले महीने (मार्च से) हट सकता है। लगातार तीन महीने तक नया मामला नहीं आने के बाद प्रतिबंध हटाने का नियम है। नया मामला आया या नहीं, यह पता करने के लिए हर महीने अश्व प्रजाति (घोड़े, गधे और खच्चर) के ब्लड के सैंपल लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजे जाते हैं। अगस्त के बाद से यहां ग्लैंडर्स का मामला नहीं आया है। जनवरी और फरवरी में भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी नहीं आई। इनमें ग्लैंडर्स की पुष्टि नहीं हुई तो मार्च में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित करने के साथ ही प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।

भोपाल में पशु चिकित्‍सा विभाग के उपसंचालक डा. अजय रामटेके ने बताया कि जिस क्षेत्र में प्रभावित पशु मिलता है, वहां से पांच किमी के दायरे में आने वाले सभी, 5 से 10 किमी के दायरे में 20 से 30, और 10 से 15 किमी के दायरे में आने वाले अश्व प्रजाति के लगभग 20 सैंपल लिए जाते हैं। जानवरों से यह बीमारी इंसानों में आ सकती है, इसलिए इनके सार्वजनिक उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

 

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Source : Agency

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