Friday, October 23rd, 2026

रैगिंग के ई-मेल से बढ़ा रीजनल कॉलेज में टेंशन, कॉलेज में लगा रहा अफसरों का जमावड़ा

भोपाल
राजधानी में तीन साल बाद रैगिंग का मामला आने से लेकर रीजनल कॉलेज के प्रोफेसर से लेकर अधिकारी सब परेशान हैं। पीड़ित ने कॉलेज प्रबंधन को ईमेल के माध्यम से रैगिंग होने की शिकायत की है, जिसका निराकरण करने के लिये सभी परेशान हो रहे हैं। कई अधिकारी गत रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद कॉलेज में डटे रहे, लेकिन वे आरोपी और फरियादी तक नहीं पहुंच सके। दो दिन पहले रीजनल कॉलेज को एक योगेश नाम के विद्यार्थी ने रैगिंग होने की शिकायत कर दी है। रैगिंग की शिकायत होने पर कॉलेज प्रबंधन की परेशानी बढ़ गई। इसलिये इस मामले को लेकर सभी प्रोफेसर और अधिकारियों को तलब कर लिया गया।

उनसे रैगिंग के आरोपी और पीड़ित विद्यार्थी को तलाश करने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन कोई आरोपी और पीड़ित को खोज नहीं सका। प्रथम वर्ष में वर्तमान में 44 विद्यार्थी कॉलेज में मौजूद हैं। इनमें से एक विद्यार्थी का नाम योगेश है। उससे पूछा गया कि उसने रैगिंग की श्किायत दर्ज कराई है, तो उसने साफ इंकार कर दिया। इसके दौरान सभी 44 विद्यार्थियों से एक-एक करके पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी शिकायत की पुष्टि नहीं कर सका। इसलिये प्रबंधन ने रैगिंग के ईमेल को प्रौक्टोरियल बोर्ड को अग्रेषित कर दिया है। अब प्रौक्टोरियल बोर्ड पीड़ित और आरोपी विद्यार्थी की तलाश कर आगामी कार्रवाई करेगा।  

विसल ब्लोअर बनने की भी मिली चेतावनी
योगेश ने ई-मेल में कॉलेज प्रबंधन को खुली चेतवनी दी है कि उसकी रैगिंग की शिकायत को गंभीरता से लेकर कार्रवाई नहीं की गई, तो ठीक नहीं होगा। वह विसल ब्लोअर बनकर सभी गडबडियों को खोलकर सभी के सामने रख देगा। अधिकारियों का कहना है कि योगेश के ई-मेल से कालेज प्रबंधन में जमे अधिकारियों की सांसें धमने लगी हैं। उन्हें भय रैगिंग की चिंता नहीं बल्कि योगेशके विसल ब्लोअर बनने का भय ज्यादा है।

 

 

Source : Agency

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