Friday, October 23rd, 2026

जमीन पर अतिक्रमण कर दो दिन के भीतर कब्जा हटाने तहसीलदार का फरमान

राजनांदगांव
नगर पंचायत छुरिया में एक संभा्रत परिवार के द्वारा अपने ही परिवार के सदस्य की लगानी भूमि पर अतिक्रण किये जाने के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (राइस मिल)की शासकीय भूमि पर भी अतिक्रमण कर धड़ल्ले से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण किये जाने के मामले तहसीलदार ने उक्त अवैधकर्ता के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर उसे दो दिन में तोडऩे के निर्देश दिए हैं।

शिकायतकर्ता विकास गुप्ता द्वारा शिकायत की गई है कि उनकी निजी स्वामित्व की भूमि खसरा क्रमांक 131/4 व 131/5 के सामने के कुछ हिस्से पर व राइसमिल की जमीन पर अतिक्रमण कारी व उनके परिवार द्वारा अवैध रूप से लगानी व शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर ईट की दीवार बनाकर अवैध अतिक्रमण किया है। जिससे शिकायतकर्ता के भूमि पर लोक बाधा के साथ आवागमन में अवरोध उत्पन्न किया गया है। साथ ही साथ बी.पी.एल कार्ड धारक कैलाश द्वारा भी आवेदक के भूमि के सामने कुछ हिस्से व राइसमिल की कुछ डिसमिल भूमि पर प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराया जा रहा है।जिसकी शिकायत पीड़ित द्वारा राजस्व विभाग में की गई है।

एक सभ्रांत परिवार के द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास का लाभ लिया जा रहा है।यहाँ गरीब तबके के लोग आवास के लिए नगर पंचायत कार्यालय जा जा कर थक चुके है और भटक रहे हैं ,किन्तु उन्हें आवास नही मिल रहा है। नियम कायदों का इतना बड़ा बोझ देकर उन्हें रवाना कर दिया जाता है। वही एक रसूखदार अतिक्रमण कारी द्वारा गरीबो के इस योजना का लाभ लेकर प्रधानमंत्री आवास बनाया जा रहा है। नगर पंचायत द्वारा कैलाश गुप्ता के पारिवारिक पृष्ट भूमि ,आर्थिक स्थिति को जानते हुए भी आधे-अधूरे दस्तावेजो का व झूठे हलफनामे का परीक्षण किए बगैर ही प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया। यहाँ पर नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा निर्माण किये जाने वाले स्थल का निरीक्षण, परीक्षण व लगे हुए शासकीय भूमि व उनके विभाग राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित से अभिमत नही लिया गया। साथ ही साथ निर्माण किये जाने वाले आवास की लंबाई चौड़ाई व प्रमाणित नक्शे का अवलोकन भी नही किया गया।

नगर पंचायत छुरिया में इन दिनों शासकीय भूमि पर कब्जा कर प्रधानमंत्री आवास निर्माण एवं निजी भूमि के सामने शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर लोकबाधा का मामला चर्चा में आने के बाद इस खबर को प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया । प्रकाशित समाचार को संज्ञान में लेते हु छुरिया तहसीलदार को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। जॉच का प्रतिवेदन में आने पर ज्ञात हुआ कि छुरिया के संभ्रात परिवार द्वारा प्रधानमंत्री आवास का लाभ लेते हुए शासकीय छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ की भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा था जिस परअतिक्रमण कारी के घर पर नोटिस चस्पा कर दो दिवस के भीतर कब्ज हटाने का आदेश जारी किया।

 

Source : Agency

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