Monday, October 19th, 2026

कोरोना की चपेट में शिक्षक, कोरोना से मरने वाले शिक्षकों को कोराना योद्वा घोषित करने की मांग

ग्वालियर
प्रदेश के जिलों में कोरोना महामारी का कहर बरपा रही। तेजी से फैल रहे संक्रमण की स्थिति भयावह होती जा रही।  स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, प्राचार्य और शिक्षक भी बड़ी संख्या में कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसके चलते कोरोना से अभी तक प्रदेश मे शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक सहित  366 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इसमें सबसे ज्यादा 334 शिक्षकों की संख्या है। इनमें 19 कर्मचारी, 11 प्राचार्य और 2 अधिकारी शामिल हैं।

वहीं इस समय 1633 शिक्षक कोरोना संक्रमित हैं। जिनमें 80 प्राचार्य, 73 कर्मचारी व 23 अधिकारी शामिल है। प्रदेश भर में कोरोना से मौत और संक्रमितों में शिक्षकों की संख्या अधिक है। इसका कारण यह है कि शिक्षकों को कोराना आपदा सेंटर, कोरोना सर्वे और टीकाकरण कार्य में ड्यूटी लगाई गई है। वहीं शिक्षक संगठनों ने विरोध जताते हुए मांग की है कि शिक्षकों को कोरोना योद्धा घोषित किया जाए। उनके इलाज में आर्थिक मदद की जाए।

इसी संबंध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता सुभाष सक्सेना ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वर्तमान में कोराना महामारी का भयावह स्थिति है । इस स्थिति में प्रदेश के हजारों नियमित शिक्षक एवं अध्यापक संवर्ग के शिक्षक संक्रमित हो गए हैं। इनमें सैकड़ों शिक्षक व अध्यापक मृत्यु को प्राप्त हो गए हैं ।

इस संबंध में अवगत किया जाता है कि वर्तमान में कोरोना का इलाज बहुत महंगा हो गया है। इसकी दवाइयां इंजेक्शन, आॅक्सीजन इत्यादि बहुत महंगे दामों में मिल रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों को कोरोना की ड्यूटी लगाने से वे लगातार हजारों की संख्या में संक्रमित होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। इस दौर में शिक्षकों को इलाज कराने के लिए महान आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस आर्थिक संकट से निराकरण के लिए संगठन का सुझाव है कि प्रदेश में जो नियमित शिक्षक हैं उनके उनके भविष्य निधि खाते से 24 घंटे के अंदर भविष्य निधी खाते से दो लाख रुपये निकालने के निर्देश दिए जाए एवं अध्यापकों को 24 घंटे के अंदर चिकित्सा एडवांस के रूप में दो लाख रुपये उनके खाते में दिए जाए और उस राशि को आसान किस्तों में वापस ले लिया जाए।

शासकीय अध्यापक संगठन के प्रदेश संयोजक उपेंद्र कौशल ने कहा कि शिक्षा विभाग में 366 शिक्षकों, कर्मचारियों व अधिकारियों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन शासन ने शिक्षकों को कोरोना योद्धा का दर्जा नहीं दिया और ना ही फ्रंट लाइन वर्कर्स मानकर शासकीय कर्मचारियों के समान शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जबकि शिक्षकों से प्रदेश भर में कोरोना महामारी में लगातार कार्य कराया जा रहा है। हमारी मांग है कि कोरोना योद्धा घोषित किया जाए।

 

#कोरोना

Source : Agency

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