Friday, October 23rd, 2026

महिलाओं को कहानी पढ़ाते-पढ़ाते लिखना भी सिखाया

रायगढ़-सरगुजा-कबीरधाम-बेमेतरा
पढ़ाना-लिखना अभियान योजना की जानकारी मिलने पर रायगढ़ जिले के विकासखण्ड लैलूंगा के वार्ड क्रमांक-2 राजपुर की स्वयंसेवी शिक्षक कुमारी अनुराधा पैकरा निपुणता से सर्वे कार्य में लगी रही है। वे असाक्षरों को साक्षर करने के लिए नियमित कक्षा का संचालन कर रही है। लोक शिक्षा केन्द्र में उन्होंने महिलाओं को कहानी पढ़ाते-पढ़ाते पढ?ा और लिखना भी सीखा रही है। वे महिलाओं को अंक गणित की बेसिक जानकारी भी देती है। गांवों की महिलाओं की छोटी-छोटी मदद करना जैसे बैंक के फॉर्म भरना, आयुष्मान भारत कार्ड, राशन कार्ड की समस्या के निदान की जानकारी भी दे रही है। उन्होंने समय-समय पर प्रौढ़ महिलाओं को साक्षरता कार्यक्रम से जुड?े के लिए महिला कबड्डी प्रतियोगिता और जलेबी दौड़ कार्यक्रम का आयोजन भी कराया, जिससे प्रौढ़ महिलाएं साक्षरता कार्यक्रम से जुड़ी और लोक शिक्षा केन्द्र में आने लगी।

सरगुजा जिले के बालगंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-10 की स्वयंसेवी शिक्षक सुश्री दिव्या सिन्हा ने असाक्षरों को पढ़ाने का अनोखा तरीका अपनाया। वे चित्रों के माध्यम से अक्षरों के अंदर पढ?े की ललक पैदा करने में सफल रही। उन्होंने कहानी, रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से असाक्षरों का उत्साहवर्धन कर उनमें पढ?े की ललक पैदा की। सरगुजा जिले की तहसील बतोली के ग्राम सिलमा की सुश्री सबीना कुजूर दैनिक मजदूरी कर परिवार का लालन-पालन करने के साथ साक्षरता शिक्षा का संचालन भी पूरी तन्मयता के साथ करती है।

कबीरधाम जिले के विकासखण्ड़ पण्डरिया की ग्राम पंचायत जंगलपुर के स्वयंसेवी शिक्षक ओमप्रकाश साहू ने स्वयं के संसाधन कम्प्यूटर और प्रोजेक्टर के माध्यम से असाक्षर व्यक्तियों में पढ़ाई की जिज्ञासा जगाई। वे अपनी दिनचर्या में भी एक घंटे की पढ़ाई करवाते हैं। उनके द्वारा पढ़ाए गए असाक्षर आसानी से पढ़-लिख, जोड़-घटना, अंग्रेजी में नाम पता और अन्य नामों को अंग्रेजी में पढ़-लिख सकते हैं।

बेमेतरा जिले की तहसील बेरला के ग्राम लावातरा के केन्द्र क्रमांक-4 पाटिल पारा की स्वयंसेवी शिक्षका श्रीमती अनिता पाटिल खेतों में आकर महिलाओं को सम्मिलित करती है और सबकों पढ़ाई-लिखाई के फायदे बताती है। वे घरेलू काम के बावजूद रोज पढ़ाने जाती है, पढ़ाई लिखाई के लिए महिलाओं को जागरूक करने घर-घर जाकर बुलाती है। वे अभी तक 120 घंटे से ज्यादा पढ़ा चुकी है। अक्षर छापी पुस्तक को अभी तक पूरा पढ़ चुकी है और फिर से दुबारा पढ़ रही है। यहां के लोक शिक्षा केन्द्र में सभी शिक्षार्थियों को पढ?े में मजा आता है। यहां सभी शिक्षार्थी अच्छे से पढ़ते-लिखते और बोलते है कि पढ?े की कोई उम्र नहीं होती।

 

#Taught

Source : Agency

पाठको की राय