स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा- देश की समस्याएं मिटाने 80 फीसदी हिन्दू होना जरूरी
भोपाल
स्वतंत्रता के समय भारत में 75 फीसदी हिन्दू थे, जो अलग-अलग वर्गों और संप्रदायों में था। वर्तमान में इनकी संख्या घटकर 60 फीसदी ही बची है। कुंभ और महाकुंभ प्रदर्शन की चीजें हो गई हैं। ऐसे में हम चित्रकूट की पवित्र धरा में हिन्दू एकता महाकुंभ का आयोजन कर रहे हैं, जिससे देश में घट रहे, बंट रहे हिन्दुओं को एकजुट कर एकत्रित करें। जिस दिन देश में 80 फीसदी हिन्दू हो गया, उस दिन भारत की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। यह बात शनिवार को स्वामी रामभद्राचार्य ने भोपाल में कही। इस दौरान विधायक संजय पाठक भी मौजूद रहे। साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा प्रदेशसंगठन महामंत्री सुहास भगत भी स्वामी रामभद्राचार्य से मिलने पहुंचे।
स्वामी रामभद्राचार्य ने पत्रकारवार्ता में बताया कि चित्रकूट में आगामी 13 से 15 दिसंबर के बीच हिन्दू एकता महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पांच लाख हिन्दुओं के आने की संभावना है। साथ ही देश के सभी बड़े शंकराचार्य, राजनेता सहित 165 संत-स्वामियों को आमंत्रित किया गया है। इस महाकुंभ में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत, जेपी नड्डा, रामदेव, साध्वी ऋतंभरा सहित कई संत और स्वामी शामिल होंगे।
उप्र चुनाव फोकस नहीं, सिर्फ हिन्दुओं को एकजुट करना मुख्य उद्देश्य
एक प्रश्न के सवाल में स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि यह हिन्दू एकता महाकुंभ उप्र चुनाव को लेकर नहीं बल्कि हिन्दुओं को एकजुट करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह कहना उचित नहीं है कि उप्र चुनाव को फोकस करके यह आयोजन हो रहा है। हम तो शुरू से बात कर रहे हैं कि पहले अयोध्या, फिर काशी और फिर मथुरा। यह हमारा एजेंडा है। हम चाहते हैं कि देश में नामांतरण रुके, जनसंख्या नियंत्रित हो, लव जेहाद रुके, पर्यावरण साफ रहे, गौवध रुके। यह सब जब होगा, जब हिन्दू एक होंगे।

पाठको की राय