सुपरटेक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आरडब्ल्यूए को दो करोड़ चुकाए
नोएडा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सुपरटेक ने एमरॉल्ड सोसाइटी आरडब्ल्यूए को दो करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजेश राणा ने कहा कि उनके खाते में बुधवार शाम को दो करोड़ रुपये का भुगतान हो गया है। यह रकम सुपरटेक बिल्डर द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एक माह में बिल्डर को इस धनराशि का भुगतान करना था। उन्हें खुशी है कि उनके 11 साल के संघर्ष के सार्थक परिणाम सामने आया है राजेश राणा ने कहा कि इस धनराशि का उपयोग सोसाइटी में लंबित पड़े कामों के लिए किया जाएगा। बिल्डर ने बहुत सारे काम अधूरे छोड़ रखे हैं, जिन्हें पूरा कराया जाएगा। इससे जनरेटर लगवाने, खराब लिफ्ट को सही करना, चिमनी लगवाना और खराब हो चुके पाइपों को बदलवाने के साथ ही अन्य काम इस पैसे से कराए जाएंगे।
रिपोर्ट बना रही टीम में नोएडा के दो अधिकारी
सुपरटेक के मामले में शासन द्वारा गठित की गई एसआईटी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में लगी है। इसके लिए प्राधिकरण के दो बड़े अधिकारी भी लखनऊ में है। एसआईटी द्वारा जरूरी रिकार्ड पर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के भी हस्ताक्षर लिए गये हैं। यह हस्ताक्षर उन कागजों के सत्यापन के लिए है, जिन्हें एसआईटी लेकर गई थी। जांच में अब तक नियोजन विभाग के दो मुख्य वास्तुविद और एक नियोजन अधिकारी के नाम पुख्ता हो चुके हैं।
आरडब्लूए के पदाधिकारियों का कहना है कि 11 साल की लड़ाई के बाद आरडब्ल्यूए ने बिल्डर-प्राधिकरण के खिलाफ जीत हासिल की। इसकी शुरुआत मार्च 2010 में उदयभान सिंह तेवतिया (रिटायर्ड डीआईजी) ने की थी। इसके बाद आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष के साथ कानूनी समिति का चेयरमैन उदयभान को बनाया गया, जबकि सदस्य के रूप में एसके शर्मा, रवि बजाज व एमके जैन शामिल हुए।
बिल्डर कर रहा समझौते का प्रयास
इसमें 252 खरीदार ऐसे हैं जिन्हें बिल्डर को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ उनकी रकम देनी है। जानकारी के अनुसार बिल्डर बुकिंग कराने वालों से बातचीत कर रहा है कि वह ग्रुप के अन्य किसी प्रोजेक्ट में फ्लैट ले लें। इसमें से कुछ ने अन्य प्रोजेक्ट मे फ्लैट लेने पर सहमति जता दी है। बिल्डर का प्रयास है कि दो माह से पहले खरीदारों से समझौता हो जाए।

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