Monday, October 19th, 2026

सुपरफूड अंडा: नेचुरल विटामिन से भरा भरपूर पौष्टिक महत्व

सुपरफूड अंडा ढेर सारा प्रोटीन देता है, जो कि सफेद हिस्से में होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि योल्क कूड़ा है। शरीर को प्रोटीन के अलावा भी कई पोषण तत्व चाहिए। एग योल्क में अनगिनत विटामिन होते हैं, जिनकी कमी शरीर में बढ़ती जा रही है। मार्च 2019 में एनसीबीआई पर प्रकाशित शोध इसके अंदर विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन बी12, ई, के, बी1, बी2, बी5, बी6 और बी9 बताता है।

शरीर खोखला होने से बचाएगा विटामिन बी12

विटामिन बी12 यानी कोबालामिन बहुत कम चीजों में मिलता है। यह खून और डीएनए बनाने के लिए चाहिए, जो कि शरीर की बुनियाद है। इसकी कमी से नसें कमजोर हो जाती हैं।

मजूबत हड्डियों के लिए विटामिन डी

विटामिन डी धूप के अलावा एग योल्क से भी मिलता है। यह कैल्शियम का इस्तेमाल करने और हड्डियां की डेंसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी है। इसकी कमी से ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है।

विटामिन ए

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन ए चाहिए। इसकी कमी से नजर कमजोर होने लगती है और इम्यून सिस्टम भी खराब हो जाता है।

विटामिन ई

विटामिन ई की कमी से नसों में ब्लॉकेज बननी शुरू हो जाती है। यह स्किन और हेयर स्ट्रक्चर का अहम चीज है। इसमें एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो सूजन कम करते हैं।

विटामिन के

विटामिन के भी हड्डियों के विकास के लिए जरूरी है। यह खून में क्लॉट बनाने का काम भी करता है। इसकी कमी से नॉर्मल क्लॉटिंग बंद हो जाती है और छोटा से घाव या कट से खून बहने लगता है। यह इंटरनल ब्लीडिंग की भी वजह बन सकती है।

विटामिन बी1

इसे थियामिन भी कहा जाता है। विटामिन बी1 खाने से ग्लूकोज निकालने और उसे नसे, मसल्स, दिल और दिमाग के काम लायक बनाने के लिए जरूरी है। इसकी कमी से थकावट और कमजोरी आ सकती है।

विटामिन बी2

राइबोफ्लेविन एक वाटर सॉल्यूबल विटामिन है। बी1 कार्ब्स, प्रोटीन, फैट्स का इस्तेमाल बेहतर बनाता है। अगर यह नहीं मिलेगा तो भी एनर्जी की कमी हो सकती है।

विटामिन बी5

विटामिन बी5 को पैंटोथेनिक एसिड कहा जाता है। यह आपकी रेड ब्लड सेल्स बनाने के साथ यौन और तनाव से जुड़े हॉर्मोन बनाने का काम करता है।

विटामिन बी6

विटामिन बी6 को पाइरिडॉक्साइन भी कहा जाता है। इसका प्रमुख काम दिमाग और मूड को बेहतर बनाना है। इसकी कमी से याददाश्त में कमी, उदासी, चिड़चिड़ापन हो सकता है।

विटामिन बी9

विटामिन बी9 यानी फोलेट या फॉलिक एसिड जो कि डीएनए और आरएनए को सही रखने में मदद करता है। यह आयरन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करता है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या सही रहे।
काली खांसी हो या गीली खांसी, सर्दियों के मौसम में आपके लिए आफत बन सकती है, खांसी के इलाज के लिए आपको बार-बार दवाओं की जरूरत नहीं है क्योंकि घर में मौजूद कुछ चीजें इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकती हैं।

सर्दी-खांसी का घरेलू इलाज

सर्दियों का मौसम जारी है और इन दिनों इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है जिससे सर्दी, खांसी, गले की खराश, नाक बंद होना, नाक बहना, जुकाम, सूखी खांसी जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इनके लिए दवाएं खाने से बेहतर है आप कुछ घरेलू उपाय आजमा सकते हैं। यह असरदार भी हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

लहसुन

लहसुन पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट का खजाना है। यह सर्दी-खांसी का बढ़िया इलाज है। जल्दी आराम पाने के लिए लहसुन को भूनकर खाएं।

अदरक

अदरक को खांसी और सर्दी के लिए आयुर्वेदिक दवाओं में अत्यधिक महत्व दिया जाता है क्योंकि यह न केवल कफ को कम करने में मदद करता है, बल्कि संक्रमण से लड़ने और सूजन को कम करने में भी मदद करता है।

तुलसी


तुलसी, एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो खांसी का नाश करती है। यह श्वसन पथ से बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे यह सूखी खांसी के लिए एक प्रभावी है।

खट्टे फल

सर्दी-खांसी के इलाज के खट्टे फल जरूर खाएं। इनमें मौजूद विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक है। इसके लिए संतरे, अंगूर, नींबू या मौसंबी जैसे खट्टे फल खाएं।

शहद

शोध से पता चलता है कि शहद लगातार खांसी से राहत दिला सकता है। यह ऊपरी श्वसन संक्रमण का इलाज करता है। यह खांसी को प्रभावी ढंग से दबा सकता है।

गर्म तरल पदार्थ

तरल पदार्थों का सेवन करने से खांसी, बहती नाक और छींकने जैसे लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए शोरबा, हर्बल चाय, डिकैफ़िनेटेड ब्लैक टी, गर्म पानी आदि लें।

हल्दी वाला दूध

हल्दी वाला दूध का इस्तेमाल घरेलू उपचार के रूप में किया जाता है। गले में खराश और खांसी के इलाज में इसे इस्तेमाल करें। इसमें पावरफुल एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं इम्यून सिस्टम को बढ़ाते हैं।

 

Source : Agency

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