Saturday, October 24th, 2026

छात्रवृत्ति स्वीकृति से वंचित हुए छात्र तो अब अफसर होंगे जिम्मेदार

भोपाल
प्रदेश के स्कूलों में अभी भी लाखों विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित है। अब यदि समयसीमा के बाद किसी विद्यार्थी की प्रोफाइल अपडेशन का काम नहीं होता है या छात्रवृत्ति स्वीकृति से वंचित रहता है तो संभाग और जिले के अफसर इसके लिए जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

प्रदेशभर के स्कूलों में पिछले तीन सालों से स्कूलों में जो छात्रवृत्तियां नहीं बंट पाई है और प्रदेशभर से इसको लेकर शिकायतें आ रही है। इसके बाद राज्य स्तर पर पूरे प्रदेश की समीक्षा की गई। सभी जिलों के अफसरों को निर्देशित किया गया था कि तीन सालों के शेष रहे विद्यार्थियों का प्रोफाइल अपडेशन और छात्रवृत्ति स्वीकृति देने का कार्य 24 अगस्त 2021 तक पूरा कर लिया जाए लेकिन कार्य प्रगति अत्यंत कम हुई है।

वर्ष 18-19 में डेढ़ लाख विद्यार्थियों का प्रोफाइल अपडेशन नहीं हो पाया है, दो लाख चालीस हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति स्वीकृति नहीं हो पाई है। वर्ष 19-20 में 1 लाख 65 हजार विद्यार्थियों के प्रोफाइल अपडेशन का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। एक लाख विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति स्वीकृति का काम नहीं हो पाया है। वर्ष 20-21 में  एक लाख 90 हजार विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट नहीं हुई है और 1 लाख 95 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति स्वीकृति लंबित है।

समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को संभाग के अंतर्गत अनियमित छात्रवृत्ति भुगतान की जांच कर प्रकरण में अनियमितता स्पष्ट होने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए अनियमित छात्रवृत्ति भुगतान की वसूली कर शासन को निर्धारित प्राप्ति शीर्ष में जमा कराने के लिए निर्देशित किया गया था। जिलों में समेकित छात्रवृत्ति योजना में सम्मिलित नि:शक्तजन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना कक्षा एक से बारह तक के लिए अनियमित छात्रवृत्ति भुगतान की राशि तत्काल प्राप्त कर जमा कराने और जमा कराई गई राशि की जिलेवार संकलित जानकारी भी मांगी गई थी। अभी तक कई स्थानों से जानकारी नहीं मिल पाई है। इस पर भी नाराजगी जाहिर की गई।

वर्ष 19-20 में अलीराजपुर, बड़वानी, भोपाल, धार, इंदौर, रीवा, सतना में अधिक संख्या में छात्रवृत्ति स्वीकृति के मामले लंबित है। वहीं वर्ष 20-21 में बड़वानी, छतरपुर, देवास, धार, ग्वालियर, इंदौर, खरगौन, मंदसौर, मुरैना, रीवा, शिवपुरी, सीधी, डिंडोरी, सिंगरौली, खंडवा, शाजापुर में अधिक संख्या में छात्रवृत्ति स्वीकृति के मामले लंबित है। सभी को पंद्रह दिन का समय दिया गया है। इसमें प्रोफाइल अपडेशन और छात्रवृत्ति स्वीकृति का काम पूरा होना चाएि। ऐसा नहीं होंने पर दोषी संभाग और जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

 

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Source : Agency

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