Sunday, August 2nd, 2026

देश के लिए, परिवार के लिए और खुद अपने लिए नशे से हमेशा रहें दूर : प्रधानमंत्री मोदी

भोपाल 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली से 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' के राष्ट्रव्यापी अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह अभियान देश के युवाओं को नशे के सेवन से दूर रहने और राष्ट्र के निर्माण में उनकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करने और समाज विकास की दिशा में जन भागीदारी का आंदोलन है। इस राष्ट्रीय अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का देश के सभी राज्यों में सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में देश के 24 राज्यों के राज्यपाल, 11 राज्यों के मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता की। देश के 28 स्थानों पर अभियान के शुभारंभ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों तथा माय भारत युवा संगठन के सामूहिक एवं सक्रिय प्रयासों से चलाए जाने वाला यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक लगातार जारी रहेगा। अभियान के तहत नागरिकों विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर उन्हें संकल्पित कराया जाएगा। अभियान के तहत प्रत्येक रविवार को समाज सेवा और जन-जागरूकता से जुड़ी विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ अवसर पर मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसी कार्यक्रम से अभियान के शुभारंभ में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नशामुक्त भारत और नशामुक्त मध्यप्रदेश के लिए सभी को हर प्रकार के नशे से दूर रहने और नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री मोदी ने नशामुक्त युवा फार विकसित भारत अभियान कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैनिट से ही प्रधानमंत्री के राष्ट्र संबोधन का श्रवण किया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण मनुवास्तव, मैनिट के डायरेक्टर प्रो. मनमोहन कापसे, माय भारत युवा संगठन के राज्य निदेशक मंगलराम जाखड़, आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित मैनिट की सभी फैकल्टीज़, प्रोफेसर्स तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा साथी उपस्थित थे।

राज्य सरकारें मिशन मोड में लागू करें यह अभियान

अभियान का शुभारंभ कर नई दिल्ली से राष्ट्र को वर्चुअली संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह अभियान एक व्यक्ति, परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र के लिए है। उन्होंने कहा कि पिछले साल काशी में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम हुआ। इसमें काशी डिक्लेरेशन के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक आंदोलन चलाने की जरूरत के रूप में जन्मा एक परोपकारी और राष्ट्र कल्याणकारी विचार अब पूरे देश के लिए एक अभियान का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ जाता है तो उससे एक सपना हार जाता है, एक परिवार हार जाता है। नशा जीवन की मुस्कान छीन लेता है। नशा पूरे व्यक्तित्व का नाश कर देता है। इसलिए हमारे युवा साथी अपने देश के लिए, समाज के लिए, परिवार के लिए और खुद अपने लिए सभी प्रकार के नशे के सेवन से दूर रहें। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी राज्य एवं केन्द्रित शासित प्रदेशों की सरकारों से आहवान किया कि वे इस राष्ट्रीय पुनीत अभियान को अपने-अपने राज्यों में मिशन मोड में लागू करें। अभियान के दौरान हर रविवार को सामाजिक सहभागिता से ऐसे आयोजन करें, जिसमें युवाओं की अधिक से अधिक सहभागिता हो और वे स्वयं नशे से दूर रहने के लिए संकल्पित होकर दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें। प्रधानमंत्री मोदी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अभियान के शुभारंभ अवसर पर ही देश के 1 करोड़ से अधिक युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री ने माय भारत युवा संगठन के स्वैच्छिक सेवाएं देने वाले कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि सबके प्रयासों से यह अभियान देश के घर-घर तक पहुंचेगा। हमारे युवा साथी इस अभियान से जुड़ें और 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने के लिए एकजुट होकर आगे आएं।

नशा अपराध नहीं, यह एक बीमारी है, इसका इलाज भी संभव है - केन्द्रीय मंत्री मंडाविया

अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को अमृत विश्व विद्यापीठम्, फरीदाबाद से वर्चुअली संबोधित करते हुए केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज और स्वस्थ समाज से ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। देश का अमृतकाल चल रहा है। आज की पीढ़ी देश की अमृत पीढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश ने स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाया है। हमारा देश अब खुले में शौच से मुक्त और नक्सली समस्या से मुक्त हो चुका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में फिट इंडिया मूवमेंट सफलतापूर्वक चल रहा है। आज राष्ट्रव्यापी नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ही किया गया। उन्होंने कहा कि नशा कोई अपराध नहीं, यह एक बीमारी है, जिसका इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि नशे का सिर्फ एक कश, पूरी जिन्दगी को तहस-नहस कर देता है। इसलिए नशे से दूरी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत केवल सरकार का नहीं, यह एक सामाजिक चेतना लाने वाला अभियान है। विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें अपने युवाओं को नशे से दूर रखना ही होगा और यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

नशा, नाश की जड़ है, प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में की गई शराबबंदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैनिट में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और युवा देश है। स्वामी विवेकानंद ने सौ साल पहले कहा था कि युवाओं के सामर्थ्य से 21वीं सदी भारत की होगी। ऐसे में शक्तिशाली और सर्वगुण संपन्न भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नशामुक्ति का अभियान चल रहा है। आज हम सब मैनिट परिसर से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत' संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हर गली, मोहल्ले, गांव-चौराहे तक नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाकर लोगों को समझाइश दे रही है और नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों पर निकाय और पंचायत की सीमा में हमने शराबबंदी लागू कर दी है। शराब की दुकानें हटा दी गईं हैं। उन्होंने कहा कि अब सड़कों के किनारे लगी धूम्रपान की दुकानें धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं। लेकिन वर्तमान समय में दूसरे प्रकार का नशा बढ़ रहा है। युवाओं को बिगाड़ने के तरह-तरह के सामान आ गए है। हमारी सरकार ने प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार और नशे के सामानों की तस्करी पर सख्ती से नकेल कसने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय स्थापित किया है।

'नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान' के लिये पुलिस विभाग को दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान' चलाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का संकल्प केवल एक विभाग का काम नहीं है। नशामुक्ति के लिए सभ्य और शिक्षित वर्ग सहित पूरे समाज की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के कुछ संभ्रांत राज्य नशे की समस्या के कारण कष्ट में आ गए थे। मध्यप्रदेश को नशामुक्त करने के लिए मन में ठोस संकल्प के साथ कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प लिया है। हम सभी प्रकार के नशों से मुक्ति के इस कुरीति पर विजय युद्ध में फतह हासिल करके रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह की अटूट संकल्प शक्ति से हमारा देश नक्सलवाद की समस्या से निजात पा चुका है। मध्यप्रदेश ने 31 मार्च 2026 की समय सीमा से पहले ही लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया था। मध्यप्रदेश की धरती से दस्यु समस्या भी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। यह हमारी संकल्पबद्धता की ही परिणिति है।

 सभी प्रकार के नशे से बनाएं दूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशामुक्त भारत ही विकसित भारत की पहली शर्त है और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का सबसे बड़ा आधार हैं। हम अपने दैनिक जीवन में सभी प्रकार के नशे से दूरी बनाएं, क्योंकि यह शरीर को नुकसान पहुंचाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य शरीर साधना के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त कर सकता है। हमारे शरीर में असीम ऊर्जा विद्मान है। हम सब इस शक्ति का उपयोग सही दिशा में करें और नशे से दूरी बनाकर विकसित भारत@2047 के संकल्प को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ते रहें। नशा हमारे स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान सभी पर दुष्प्रभाव डालता है। नशे से घर-परिवार बर्बाद हो जाते हैं। राज्य सरकार नशे की ज़द में हो रहे अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। नशे में डूबे लोगों को पुनर्वास के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमारा शरीर स्वच्छ विचारों का एक मंदिर है। युवा शक्ति अपनी शक्ति को पहचानें, स्वयं नशे की आदतों से दूरी बनायें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा इतिहास सदियों से बेहद गौरवशाली रहा है। यह वह संस्कृति है, जहां प्रभुराम,कृष्ण, गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी जैसे इंद्रजीत वीरों-महावीरों ने जन्म लिया। हमारी संस्कृति आत्मसंयम के साथ 'जियो और जीने दो' की भावना की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भारत भूमि सदैव दुनिया को इसके ज्ञान और योग के लिए आकर्षित करती रही है। इसलिए हम सब पूरी दुनिया को एक परिवार मानकर सबकी भलाई और कल्याण के लिए काम करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वस्थ युवा, समर्थ समाज और समृद्ध मध्यप्रदेश के माध्यम से हमें विकसित भारत के अमृत काल संकल्प को सिद्ध करना है। इसके लिए हम सब मिलकर यह प्रण लें कि न स्वयं नशा करेंगे, न किसी को नशे की ओर जाने देंगे और समाज में जागरूकता फैलाएंगे। प्रदेश के सभी युवाओं, सामाजिक संगठनों, आचार्यों, प्राचार्यों, शिक्षकों, चिकित्सकों, जिला और पुलिस प्रशासन सहित सभी स्वयंसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे सक्रिय होकर इस अभियान से जुड़ें और इसे एक जन आंदोलन बनायें।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने कहा कि नशा पूरे समाज का नाश करता है। एक सशक्त और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए हमें अपने युवाओं को नशे से दूर रखना होगा। हमारी सरकार नशामुक्ति के लिए अनेकों प्रयास कर रही हैं। उन्होंने नई पीढ़ी से आहवान किया कि हम सब किसी भी प्रकार के नशे से हमेशा दूर रहने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के हर गांव, हर नगर, हर विद्यालय, हर महाविद्यालय और हर परिवार तक नशामुक्ति का संदेश लेकर आगे बढ़े। जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही यह अभियान सफल होगा।

आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर मैनिट में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। माय भारत युवा संगठन के राज्य निदेशक ने सभी का आभार माना।

 

 

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Source : Agency

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