Sunday, October 25th, 2026

वित्तीय स्थिति पर राज्य सरकार श्वेत पत्र जारी करे - डा. रमन

रायपुर
भाजपा हमलावर तरीके से राज्य सरकार के ढाई साल पूरे होने की नियत तिथि पर आज पूरे प्रदेश में पीसी करते हुए सवाल उठा रही है। राजधानी के भाजपा मुख्यालय में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने गुरूवार को विफलताएं गिनाई, और आरोपों की झड़ी लगा दी। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कर्जमाफी का वादा कर प्रदेश को कर्जदार बना दिया। उन्होंने पूछा कि दिवालिएपन की स्थिति क्यों है? साथ ही वित्तीय स्थिति पर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

भूपेश सरकार के ढाई साल पूरे होने पर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम और अन्य नेता एकात्म परिसर में मीडिया से रूबरू हुए। पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों में बुरी तरह विफल रही है। शराब बंदी, शिक्षकों की भर्ती, बेरोजगारी भत्ता, आदि को लेकर सवाल पूछे गए थे। जवाब आने की उम्मीद थी, लेकिन  उलटे सवाल पूछे जा रहे हैं। पूर्व सीएम ने तीखे आरोप लगाए, और कहा कि सरकार में लूट- माफिया राज चल रहा है। कलेक्टर के पद के लिए तक बोली लग रही है। जनता को लग रहा है कि उनके साथ छल हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के पहले ढाई साल में प्रदेश आर्थिक बदहाली की तरफ गया है। पूर्व सीएम ने पूछा कि विकास के काम ठप्प क्यों है, यह सरकार को बताना चाहिए।

पूर्व सीएम ने कहा कि शराबबंदी, और कर्जमाफी का वादा कर सरकार आई थी, लेकिन प्रदेश को कर्जदार बना दिया। हालात यह है कि सरकार की कुल राजस्व आय 88 फीसदी हिस्सा सिर्फ अनुदान, और सब्सिडी में खत्म हो जा रहा है। पुल-पुलिया, अस्पताल, स्कूल निर्माण के कार्य ठप्प हो गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में 6 लाख मकान स्वीकृत किए गए थे। 60-70 लाख आवास का निर्माण होना था। इससे रोजगार के सृजित होते, यह योजना समाप्ति की ओर है। पूर्व सीएम ने कहा कि वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में हर साल 22 सौ करोड़ ऋण लिए जाते थे, लेकिन  यह सरकार हर साल 15 हजार करोड़ ऋण ले रही है। कर्ज पर कर्ज लिए जा रहे हैं, और पटाने के लिए भी कर्ज लिए जा रहे हैं। सरकार कार्यकाल पूरा होने तक 1 लाख 5 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी होगी। छत्तीसगढ़ से सबसे ज्यादा पलायन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि गरीबों-मजदूरों के लिए सवाल पूछे गए थे, उसका जवाब नहीं आया, और उलटे आंदोलन हो रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि पार्टी द्वारा चलाए गए अभियान की जानकारी दी, और कहा कि इससे गांव-गांव ने कार्यकतार्ओं ने ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर शराबबंदी का वादा कर होम डिलीवरी करने, और बेरोजगारी भत्ता न देने को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी है। अलग-अलग क्षेत्रों से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी आगे की कार्ययोजना तैयार करेगी। नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी कहा कि सरकार घोषणा पत्र के वादे को पूरा करने में विफल रही है। 36 वादे किए गए थे, लेकिन एक भी वादे पूरे नहीं हुए हैं।

 

#रमन

Source : Agency

पाठको की राय