यूपी में 5 सितंबर तक झमाझम बारिश का दौर, 1 सितंबर को 11 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
लखनऊ
यूपी में 5 सितंबर तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आईएमडी लखनऊ की मानें तो 1 सितंबर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बदरा बरसेंगे। इसे लेकर कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बारिश के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी यूपी में सोमवार को प्रयागराज के कोरांव में सबसे अधिक 132 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चित्रकूट के राजापुर में 67 और कर्वी में 66 मिलीमीटर, अंबेडकर नगर के अकबरपुर में 63.4, प्रतापगढ़ के पट्टी में 63, अकबरपुर में 60, सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में 60 और सुलतानपुर के लंभुआ में 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग ने एक सितंबर को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, रायबरेली और अमेठी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुलतानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों अलर्ट जारी किया है।
2 सितंबर को इन जिलों में झमाझम बारिश
2 सितंबर को बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तीन और चार सितंबर को भी पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सोमवार को कई इलाकों में जलभराव
उधर, सोमवार सुबह से हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी। हालांकि, तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया और सड़क-मोहल्लों की सूरत बिगड़ गई। कई जगहों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव, नदियों-नालों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका जताई है। इसके आलावा वैज्ञानिकों ने निचले और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से दूर रहने और जलमग्न सड़कों और उफनते पुलों से बचने की सलाह दी है।

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