Friday, October 23rd, 2026

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT की जांच तेज, चार कर्मचारी पूछताछ के लिए पेश

लखनऊ
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा और दान की चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के संदेह के दायरे में चल रहे चार कर्मचारी जांच के लिए पेश हुए हैं, जो दान गिनने में शामिल थे। लखनऊ मंडल के आयुक्त के नेतृत्व में चल रही एसआईटी जांच के दायरे में वो सारे कर्मचारी हैं, जो रुपये गिनने में शामिल थे। जांच टीम ने ट्रस्ट से कर्मचारियों के नाम, पता वगैरह मांगे थे, ताकि उनकी और उनके निकटतम रिश्तेदारों की मौजूदा संपत्ति और पहले की संपत्ति का मिलान हो सके। इसी प्रक्रिया में मंदिर के कर्मचारियों से पूछताछ चल रही है। पूछताछ के लिए बुलाए गए चार संदिग्ध गणनाकर्मी एसआईटी के सामने पेश हुए और उनके परिजन भी पहुंचे। लेकिन कोई एसआईटी के सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

राम मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में बने ग्रीन हाउस को एसआईटी ने अपना कैंप कार्यालय बना लिया है। इसी में जांच के लिए जरूर प्रबंध किए गए हैं। एसआईटी को जांच के काम में सहूलियत के लिए करीब डेढ़ दर्जन टेक्निकल स्टाफ उपलब्ध कराया गया है। एडीएम, मंदिर मजिस्ट्रेट समेत पुलिस पदाधिकारी भी एसआईटी के सहयोग के लिए लगाए गए हैं। एसआईटी जांच को लेकर ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों पर सबकी नजर है, जिनके ऊपर चढ़ावा चोरी को लेकर सबसे ज्यादा हमले हो रहे हैं। ट्रस्ट के ऐसे पदाधिकारियों में महासचिव चंपत राय के अलावा गोपाल राव, अनिल मिश्रा वगैरह शामिल हैं। अपार संपत्ति जुटाने के आरोपों पर चंपत राय के करीबी टुन्नु यादव ने मंगलवार को वीडियो बयान जारी कर कहा था कि ये संपत्ति मंदिर निर्माण से पहले के हैं। टुन्नु यादव ने ऑटो चलाने से हुई कमाई से घर और उसके किराया से आगे की कमाई का दावा किया था।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी बोले बृजभूषण शरण सिंह- सरकार पर उठ रही है उंगली
इस बीच पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर बुधवार को कहा कि यह अब सिर्फ ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है। उंगली केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठ रही है। उन्होंने कहा कि अगर राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। बृजभूषण ने कहा कि इस मामले से बहुत झटका लगा है। यह झटका विनय कटियार और बृजभूषण सिंह ने नहीं लगाया है। पूर्व सांसद ने कहा कि यह झटका ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने ही लगाया है।

उन्होंने नृपेंद्र मिश्रा को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वह नृपेंद्र मिश्रा को पूरी तरह से से निर्दोष मानते हैं। उन्होंने कहा कि बिना आग के कोई धुआं नहीं निकलता है, जो धुआं निकल रहा है, इसमें कुछ ना कुछ सच्चाई जरूर है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कठोर कार्रवाई होगी और सरकार इसमें ठोस कदम उठाएगी। लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि क्या इस बात की विवेचना हुई कि अयोध्या और अगल-बगल की सीट क्यों हारे।

 

#SIT

Source : Agency

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