Sunday, October 25th, 2026

रविवासरीय संगीत सभा में आगरा की शुभ्रा तलेगांवकर ने दी शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति

रायपुर
गुनरसपिया फाउंडेशन की 53वी संगीत सभा  में रविवार को प्रात: 10 बजे से फेसबुक पर आगरा की युवा गायिका शुभ्रा तलेगांवकर ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान संगीतज्ञ के संगीतज्ञ पंडित रघुनाथ तलेगांवकर जी एवं पंडित केशव तलेगांवकर जी के परिवार की तीसरी पीढ़ी व ग्वालियर घराने की कु शुभ्रा ने संगीत की शिक्षा अपनी मातामती प्रतिभा तलेगांवकर व पिता पंडित केशव तलेगांवकर जी से प्राप्त की है। वे शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में पूरे भारत में एक युवा हस्ताक्षर भी हैं।

शुभ्रा ने अपने गायन की शुरूआत राग अहीर भैरव में अपने दादा गुरुजी पंडित रघुनाथ तलेगांवकर जी द्वारा रचित विलंबित रूपक ताल में ख्याल -साचो साहेब मेरो रखवारा--,से की।इसके बाद उन्होंने अपने पिताजी पंडित केशव तलेगांवकर जी द्वारा निर्मित मध्यलय तीन ताल की बंदिश-जा जा जा रे कगवा गाया। इसके बाद वर्षा ऋतु के राग मेघ में उन्होंने मध्यलय तीनताल में निबद्ध स्वरचित बंदिश-घनन घिर आए बदरवा की मनमोहक प्रस्तुति दी।अंत में उन्होंने अपनी माता प्रतिभा तलेगांवकर जी द्वारा स्वरबद्ध मीरा बाई के भजन-तुम हरो जन की पीर,गाकर अपने गायन का समापन किया।सुंदर तानों, राग की शुद्धता और लयकारी द्वारा विनायक ने श्रोताओं को मुग्ध ही कर दिया।आपके साथ तबले पर डॉ लोकेन्द्र तलेगांवकर जी ने, हारमोनियम पर पंडित रविन्द्र तलेगांवकर जी ने सुंदर संगत की। श्रोताओं ने खूब लाईक किया और उनके कार्यक्रम में लगातार दाद दी।अब तक गुनरस पिया की सभा में गायन,तबला-वादन,सितार-सरोद-सारंगी-संतूर वादन की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं।युवा एवं नवोदित कलाकारों को रविवासरीय संगीत सभा के माध्यम से जन जन तक पहुचाने का कार्य संस्था द्वारा अनवरत जारी है।गुनरस पिया फाउंडेशन द्वारा कोरोना काल में देश-विदेश के कलाकारों को फेसबुक के माध्यम से कार्यक्रम प्रस्तुति हेतु अवसर दिया जा रहा है।गुनरस पिया फाउंडेशन शास्त्रीय संगीत के संरक्षण एवं प्रचार प्रसार हेतु लगातार कार्य कर रहा है।कार्यक्रम के संयोजक दीपक व्यास ने यह जानकारी दी।

 

#रविवासरीय संगीत

Source : Agency

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