मध्य प्रदेश के सीहोर के चकल्दी गांव में खुदाई निकला शिवलिंग, पूजा पाठ शुरू
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के ग्राम चकल्दी में खुदाई के दौरान शिवलिंग निकला तो आसपास के लोग जमा हो गए और पूजा-पाठ शुरू हो गई। पुरातत्व विभाग को सूचना दी गई लेकिन फिलहाल ग्रामीणों ने वहां झंडे लगाकर मंदिर का रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है।
सीहोर जिले की रेहटी तहसील के ग्राम चकल्दी में कोलार नदी के किनारे पिछले दिनों ग्रामीण खुदाई कर रहे थे कि अचानक बड़ी शिला का अहसास हुआ तो मिट्टी हटाई गई। करीब चार फीट का शिवलिंग बाहर आया। इसके बाद गांव के लोग वहां जमा होने लगे और आसपास भी शिवलिंग मिलने की सूचना पर ग्रामीण वहां पहुंचने लगे। फूल और जल अर्पण करते हुए अगरबत्ती लगाकर पूजा-पाठ शुरू हो गई। लोगों ने वीडियो भी बनाए और वायरल किए हैं।
सरपंच ने कहा बुजुर्ग शिव मंदिर की बातें बता रहे
चकल्दी के सरपंच राजेश विश्वकर्मा को जब पता लगा तो वे भी वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग बताते हैं कि पहले कभी वहां शिवलिंग था। चकल्दी पहले चंपावती के नाम से पहचाना जाता था। वे बताते हैं कि पुरातत्व विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। अभी गांव वालों के साथ बैठकर इस स्थान पर मंदिर बनाने की योजना तैयार की जाएगी।
बुजुर्गों के दावे
ग्राम के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने अपने बुजुर्गों से सुना था कि गांव का प्राचीन नाम चंपावती नगरी था। चंपावती नगरी कई बार बसी, कई बार उजड़ी। चंपावती नगरी का नाम बाद मे चकल्दी हो गया, देखा तो चकल्दी भी करीब दो-तीन बसी व उजड़़ी। हर बार एक नये रूप में परिवर्तित हुई है। यह भी बताया गया कि गांव के पास से बहने वाली कोलार नदी को कौशल्या नदी के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि चंपावती नगरी के व्यवसाय के ब्याज से उज्जैन का कारोबार चलता था। खेतों की जुताई में भी यहां धन संपदा निकलने के दावे बुजुर्ग करते रहते हैं।

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