'वे बहुत बुरी और डेंजरस हैं': टीचर के टॉर्चर से परेशान छठी की छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
अंबिकापुर.
अंबिकापुर में एक छात्रा ने मंगलवार की रात कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह रिंग रोड नमनाकला स्थित एक नामचीन मिशन स्कूल में कक्षा छह में पढ़ती थी। आत्महत्या से पहले अंग्रेजी में एक सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें स्कूल की दो शिक्षिकाओं पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा कि 'मर्सी सिस्टर काफी बुरी और डेंजरस हैं और वह टॉर्चर करती है। मेरे पास मरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।'
वहीं, घटना से आक्रोशित भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने स्कूल कैंपस के बाहर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल व शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं, अभिभावक संघ भी काफी आक्रोशित नजर आए और अध्यक्ष निलेश सिंह की अगवानी में उन्होंने एसपी ऑफिस पहुंचकर दोषी शिक्षिकाओं की तत्काल गिरफ्तारी एवं एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। नवनियुक्त एसपी विजय अग्रवाल एसपी कार्यालय पहुंचे और अभिभावक संघ की बात सुनाने लगे। अभिभावक संघ ने विस्तृत रूप से पूरी घटना बताई और छात्रा के सुसाइड नोट के अनुसार प्रताड़ित करने वाली दोनों शिक्षिकाओं के ऊपर तत्काल एफआईआर कर गिरफ्तारी की मांग की। एसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि मामले में अभी मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद एवं छात्रा के सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग मिलाने के बाद मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
घर में इकलौती थी अर्चिशा
जानकारी के मुताबिक, शहर के दर्रीपारा निवासी इंजीनियर आलोक कुमार सिन्हा की 12 वर्षीय इकलौती बेटी अर्चिशा सिन्हा शहर के कार्मेल स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी। उसने मंगलवार की रात करीब 11 बजे अपने कमरे में पंखे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने स्कूल की शिक्षिका पर कई दिनों से प्रताड़ित व कक्षा में दोस्तों के सामने अपमानित करने का आरोप लगाया है।
छात्रा ने सुसाइड नोट में यह लिखा
आत्महत्या करने से पहले छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा कि 'मर्सी सिस्टर ने उसका आईकार्ड छीना। वह बहुत ज्यादा पनिशमेंट देती हैं। अब मेरे पास मरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। मैं सिस्टर से बदला लूंगी, वह बहुत बुरी और डेंजरस हैं। प्लीज मेरे जितने भी दोस्त हैं, उन्हें पनिशमेंट न दें। सिस्टर मर्सी व सिस्टर जीवा पढ़ाती भी हैं और टॉर्चर भी करती हैं।
टॉपर थी अर्चिशा
परिजनों के अनुसार, छात्रा अर्चिशा पढ़ाई में काफी होनहार थी। वह कक्षा में टॉप 5 में अपना स्थान बना चुकी थी। वह अपने माता-पिता की एकलौती संतान थी। बुधवार की सुबह जब माता-पिता उठे और बेटी के कमरे में जाकर देखा तो उसका शव पंखे से लटका मिला। सूचना पर एएसपी पुपलेश कुमार, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। छात्रा की मौत से उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
आरोपी शिक्षिका सिस्टर मर्सी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की जांच गंभीरता से जांच की। साथ ही सुसाइड नोट और छात्रा के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षिका के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करते हुए बुधवार शाम को शिक्षिका सिस्टर मर्सी को गिरफ्तार कर लिया।
कलेक्टर ने जारी किया शो कॉज नोटिस
कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन एवं प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा है कि संबंधित शिक्षक एवं संस्था का व्यवहार भारतीय दंड संहिता एवं संविधान द्वारा बच्चों को प्रदत्त मौलिक अधिकारों से सर्वथा विपरीत है, जो दंडनीय है। नोटिस में संस्था को प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र निरस्त करने का प्रस्ताव शासन को क्यों ना भेजा जाए, इसका कारण बताते हुए तीन दिवस के भीतर समक्ष उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न किए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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