Thursday, August 13th, 2026

उज्बेकिस्तान से लखनऊ तक सेक्स रैकेट का नेटवर्क? मास्टरमाइंड लोला क्यूमोवा से जुड़े खुलासों ने मचाया हड़कंप

  लखनऊ

लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और एफआरआरओ (FRRO) की संयुक्त टीम ने उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा (45) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी महिला पिछले एक साल से भारत में अवैध रूप से छिपकर रह रही थी और उस पर अलग-अलग राज्यों में फैला हाई-प्रोफाइल देह व्यापार का नेटवर्क चलाने का गंभीर आरोप है। 

बेहद नाटकीय अंदाज में हुई लोला की गिरफ्तारी 
7 अगस्त को तुर्कमेनिस्तान की एक महिला इलाज के लिए लखनऊ के मिनर्वा क्लिनिक पहुंची थी. नए नियमों के मुताबिक विदेशी नागरिक के इलाज की जानकारी एफआरआरओ को देनी अनिवार्य थी. इस दौरान इलाज कराने आई महिला के साथ लोला ने अपना भारतीय पहचान पत्र (आधार कार्ड) रेफरेंस के तौर पर लगाया. क्लिनिक स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना एफआरआरओ को दी, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर लोला को हिरासत में ले लिया। 

शादी का दावा, लेकिन पति का अता-पता नहीं 
पूछताछ में सामने आया कि लोला का वीजा और पासपोर्ट काफी समय पहले एक्सपायर हो चुका था. भारत में अवैध रूप से रहने के लिए उसने जनक प्रताप सिंह नाम के व्यक्ति से शादी का दावा करते हुए भारतीय पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस) बनवा लिए थे. हालांकि, पुलिस की जांच में कथित पति का कोई सुराग नहीं मिला है. लोला का दावा है कि वह दो महीने पहले उसे छोड़कर भाग गया. पुलिस सभी दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि सरकारी मिलीभगत का पता लगाया जा सके। 

पुलिस का बयान 
डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक के अनुसार, आरोपी महिला ताशकंद (उज्बेकिस्तान) की निवासी है. पुलिस जांच में उसके पास से कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो बताते हैं कि वह यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भी अवैध गतिविधियों और अनैतिक देह व्यापार का नेटवर्क चला रही थी. लखनऊ में उसके राजाजीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दो अलग-अलग पते सामने आए हैं। 

डॉक्टर की सफाई 
प्लास्टिक सर्जन ने दी सफाई इस मामले में एक साल पहले ओमेक्स हजरतगंज अपार्टमेंट में सेक्स रैकेट के भंडाफोड़ के दौरान प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता का नाम भी सामने आया था. दोबारा लोला की गिरफ्तारी के बाद डॉ. विवेक ने अपनी भूमिका पर सफाई दी है। 

डॉक्टर का कहना है कि लोला उनके पास केवल लेजर टैटू रिमूवल और सांस की तकलीफ की वजह से नाक की सेप्टो राइनोप्लास्टी कराने आई थी. चेहरा बदलने या प्राइवेट पार्ट के ऑपरेशन जैसे आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और वैज्ञानिक रूप से असंभव हैं. उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी नागरिकों के इलाज की प्रक्रिया और एफआरआरओ पोर्टल के जटिल नियमों को लेकर डॉक्टरों में जागरूकता की कमी है। 

ऐसे चल रहा था पूरा नेटवर्क 
बताया जा रहा है कि लोला बेहद शातिर तरीके से अपना नेटवर्क चला रही थी. वह उज्बेकिस्तान और नेपाल से महिलाओं को लखनऊ लाती थी. इसके बाद एक डॉक्टर की मदद से उनकी प्लास्टिक सर्जरी कराकर हुलिया बदल दिया जाता था. फिर उन्हें पॉश इलाकों के फ्लैटों में रखकर देह व्यापार कराया जाता था. जांच में सामने आया है कि लोला के खिलाफ उज्बेकिस्तान में भी लुकआउट नोटिस जारी है. उसके नेपाल और उज्बेकिस्तान के गिरोहों से संपर्क थे. अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं। 

 

#Sex racket

Source : Agency

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