सतना के शिक्षक का जबलपुर तबादला आदेश में आई कंप्यूटर की तकनीकी खामी, जवाब मांगा
जबलपुर
जबलपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एक परस्परिक तबादला आदेश को लेकर उठे विवाद में तकनीकी खामी सामने आई है। शिक्षा अधिकारी ने कुंडम के बघराजी से एक शिक्षक का तबदला सतना जिले में किया। उक्त शिक्षक की जगह सतना के नवपुला में पदस्थ शिक्षिका को पदस्थ करने का आदेश जारी। इस मामले में कर्मचारी नेताओं ने विरोध करते हुए जिले के बाद के शिक्षक का तबादला आदेश जारी होने पर सवाल उठाए। इस मामले की जांच में पता चला कि कंप्यूटर की तकनीकी गड़बड़ी से ऐसा हुआ। हालांकि पूरे मामले में शिक्षा अधिकारी ने विभाग में पदस्थ कंप्यूटर आपरेटर से भी जवाब मांगा हुआ है।
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने कहा कि जिले के बाहर पदस्थ शिक्षक का तबादला आदेश भोपाल लोक शिक्षण संचालनालय से हो चुका था। स्थानीय स्तर पर जब तबादला आदेश जारी हो रहे थे उस हर जिला का बकेट बना हुआ था। गलती से सतना जिले का तबादला आदेश जबलपुर वाले बकेट में आ गया था जिससे यह गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कंप्यूटर आपरेटर से भी जवाब मांगा हुआ है। घनश्याम सोनी ने कहा कि मनीषा विश्वकर्मा का तबादला आदेश शासकीय प्राथमिक शाला नवपुला सतना से पहले ही भोपाल से जारी हो चुका था।
शिक्षा अधिकारी को जिले के भीतर शिक्षकों के तबादले का अधिकार होता है। शिक्षक संवर्ग के लोक सेवकों को एक जिले से दूसरे जिले स्वैच्छिक या पारस्परिक तबादला का आदेश आयुक्त लोक शिक्षण के पास सुरक्षित है। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने अब्दुल सलीम प्राथमिक शिक्षक नारायणपुर बघराजी तथा मनीषा विश्वकर्मा जो कि सतना जिले में पदस्थ थी उन दोनों का पारस्परिक तबादला आदेश जारी किया।

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