बस्तर के सतेंद्र ने जीता टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज अवार्ड जीता
रायपुर। एसपीजेआईएमआर के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर डेवलपमेंट मैनेजमेंट (पीजीपीडीएम) के छात्र सतेंद्र सिंह लिल्हारे ने बस्तर से बाजार तक टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज अवार्ड जीता है। बस्तर से बाजार तक छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में लोगों को कृषि आधारित रोजगार के अवसर मुहैया कराता है। विजेता के प्रमाण पत्र और 2.5 लाख रुपये की राशि के साथ, सतेंद्र ने टाटा संस की तरफ से 25 लाख रुपये का सीड फंड जीता और आईआईएम- सी इनोवेशन पार्क ने 5 लाख रुपये के सीड फंड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज, टाटा समूह और आईआईएम कलकत्ता की तरफ से शुरू की गई एक संयुक्त पहल है, यह भारत के सबसे उम्मीद जगाने वाले सामाजिक उद्यमों की खोज करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का एक चैलेंज है। इस पुरस्कार का उद्देश्य युवाओं को आगे आने और सामाजिक उद्यम स्थापित करने तथा सामाजिक क्षेत्र में उद्यमिता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। ग्रैंड फिनाले और शिखर सम्मेलन का आयोजन 15 मई को किया गया था और जिसमें भारत/ विदेश से कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, जल और साफ-सफाई प्रौद्योगिकी और विकास, शिक्षा और कौशल विकास, आवास, हस्तशिल्प, ऊर्जा और माइक्रोफाइनेंस जैसे क्षेत्रों से 3,000 से अधिक उद्यमों (एंटरप्राइजेज) ने हिस्सा लिया। कई सेलेक्शन राउंड्स के बाद, 24 उद्यमों को सेमीफाइनल के लिए चुना गया और आखिरकार, 12 एंटरप्राइजेज अंतिम दौर में पहुंचे।
जिसमें छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में काम करने वाले सतेंद्र सिंह का भी 12 प्रतिभागियों में चयन हुआ। सतेंद्र एंटरप्राइज फसलों की कटाई के बाद उसके प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण आदिवासी वन में रहने वाले किसानों को रोजगार के अवसर प्रदान करता है। उनका एंटरप्राइज फसल की कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करके और शहरी उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्तायुक्त, बिना मिलावट, प्रोसेस्ड उपज की आपूर्ति करके स्थानीय वनवासियों की आमदनी को बढ़ाता है। बस्तर से बाजार तक (फ्रॉम बस्तर टू द मार्केट) कस्टर्ड सेब व अन्य वन उत्पादों जैसे इमली, जामुन, अमचूर और हर्बल गुलाल को बढ़ावा देता है। छत्तीसगढ़ स्थित इस कंपनी का मकसद आदिवासी वन में रहने वाले किसानों को फसलों की कटाई के बाद मैनेजमेंट, वैल्यू एडिशन और प्रोसेस्ड नॉन-टिंबर फॉरेस्ट प्रॉड्यूस (एनटीएफपी) उत्पादों की मार्केटिंग के माध्यम से रोजगार के अवसर मुहैया कराना है। इसी से प्रभावित जजों न उन्हें टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज अवार्ड से सम्मानित किया।
पीजीपीडीएम कार्यक्रम के चेयरमैन श्री प्रभात पाणि ने बताया कि अपने छात्रों को सामाजिक बदलाव के अगुआ के तौर पर देखना बेहद सम्मान की बात है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को जीतने और प्रोग्राम में जान डालने के लिए हमें सतेंद्र पर गर्व है। हम भविष्य के सोशल सेक्टर के लीडर्स को तैयार करने वाली संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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