Tuesday, October 20th, 2026

बैड बैंक के लिए 30,600 करोड़ की गारंटी को सरकार की मंजूरी

नई दिल्ली

बैंकों का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने 'बैड बैंक' को 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की मंजूरी दी है। ये रकम नेशनल असेट रि-कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) यानी बैड बैंक के लिए सरकार की ओर से दी गई गारंटी है। यह गारंटी 5 साल के लिए वैध होगी। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस तरह की समाधान व्यवस्था, जो एनपीए के पुराने बकाया मामलों का समाधान करती हैं, को आमतौर पर सरकार से समर्थन की आवश्यकता होती है। इससे बैंकों पर विश्वसनीयता बढ़ती है और बफर की क्षमता भी तैयार करने में मदद मिलेगी।

सरकार Bad Bank की तरफ से बैंकों को जारी होने वाली सिक्योरिटी रिसीट को गारंटी प्रदान करेगी। बैड बैंक के सिक्योरिटी रिसीट्स पर सरकार की गारंटी 5 साल के लिए वैलिड रहेगी। इसके साथ ही एक इंडिया डेट रेज्योलूशन कंपनी भी बनाई जाएगी। वहीं, नेशनल एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) में सरकार की हिस्सेदारी 51 फीसदी होगी।

बैंकों ने की अच्छी वसूली

वित्त मंत्री ने कहा कि 2015 की एसेट क्वालिटी रिव्यू के बाद बैड लोन की रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले 6 सालों में बैंकों ने 5,01,479 करोड़ रुपए उगाहे हैं। मार्च 2018 से बैंकों ने अब तक 3.1 लाख करोड़ रुपए रिकवर किए हैं। वहीं सिर्फ 2018-19 में बैंकों ने 1.2 लाख करोड़ रुपए का लोन रिकवर किया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

क्या होता है बैड बैंक?

बैड बैंक भी एक तरह का बैंक है, जिसकी स्थापना दूसरे वित्तीय संस्थानों से बैड लोन को खरीदने के लिए हुई है। इससे ये बैड लोन उन वित्तीय संस्थानों के एकाउंट से हट जाएंगे और उनके वित्तीय स्थिति मजबूत हो जाएगी।आईबीए को बैड बैंक बनाने का काम सौंपा गया है। प्रस्तावित बैड बैंक या एनएआरसीएल लोन के लिए सहमत मूल्य का 15 फीसदी नकद में भुगतान करेगा और बाकी 85 फीसदी सरकार की गारंटी वाली सिक्योरिटी रिसीट्स में होगा। इन सिक्योरिटी रिसीट्स की वैल्यू बनाये रखने के लिए बैकअप व्यवस्था के तहत सरकार ने 30,600 करोड़ रुपये की गारंटी को मंजूरी दे दी है।

वित्त मंत्री ने बताया कि साल 2018 में सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों में से केवल 2 प्रॉफिट में थे, लेकिन 2021 में केवल दो बैंकों ने घाटा दिखाया है। पिछले 6 सालों में सरकार के 4 R - Recognition, Resolution, Recapitalisation and Reforms की वजह से बैंकों ने लोन रिकवरी में तेजी दिखाई और अब वो प्रॉफिट में आ गये हैं।

बजट में बैड बैंक का हुआ था जिक्र: इस साल के आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैड बैंक का जिक्र किया था। इस बैंक की स्थापना दूसरे वित्तीय संस्थानों से बैड लोन को खरीदने के लिए की जा रही है। भारतीय बैंक संघ (आईबीए) को 'बैड बैंक' स्थापित करने का काम सौंपा गया था। इस बैंक की मदद से बैड लोन वित्तीय संस्थानों के एकाउंट से हट जाएंगे। इसका फायदा उन बैंकों को मिलेगा जिनकी वित्तीय स्थिति एनपीए की वजह से चरमराई हुई है। ऐसे बैंकों से बैड लोन हट जाएंगे और बैलेंशशीट मजबूत हो जाएगी।

 

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Source : Agency

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