Thursday, April 16th, 2026

बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के नियम बदले, अब जमीन का खतियान और वंशावली देना होगा अनिवार्य

पटना
 बिहार सरकार ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाने के नियमों को बदल दिया है. अब आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा. अगर कोई व्यक्ति बिना जरूरी कागजात के आवेदन करता है, तो उसका आवेदन खारिज कर दिया जाएगा. इस नए नियम का मकसद फर्जी प्रमाण पत्र बनाने पर रोक लगाना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है.

नए नियम के तहत निवास प्रमाण पत्र के लिए अब सिर्फ पहचान पत्र देना काफी नहीं होगा. आवेदक को अपने पते से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज या जमीन से संबंधित कागज भी देना होगा. यानी अब यह साबित करना जरूरी होगा कि आप वास्तव में उसी जगह के निवासी हैं.

क्या- क्या अनिवार्य
आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी नियम बदल दिया गया है. पहचान पत्र के साथ-साथ आय से जुड़े सैलरी स्लिप, आय प्रमाण या अन्य संबंधित डॉक्यूमेंट देने होंगे. इससे गलत जानकारी देकर आय प्रमाण पत्र बनवाने पर रोक लगेगी.

जाति प्रमाण पत्र के लिए भी अब नया नियम लागू किया गया है. इसमें पहचान पत्र के साथ जमीन का खतियान देना अनिवार्य कर दिया गया है. अगर जमीन आवेदक के नाम पर नहीं है और पिता, दादा या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर है, तो उस स्थिति में वंशावली देना जरूरी होगा. इससे यह पता चलेगा कि आवेदक का उस परिवार से क्या संबंध है.

कम होगा फर्जीवाड़ा
सरकार ने खतियान, दान पत्र, जमीन के अन्य कागजात और भूमिहीनों को मिली जमीन के दस्तावेज को भी मान्य माना है. यानी अलग-अलग तरह के राजस्व रिकॉर्ड अब आवेदन के लिए स्वीकार किए जाएंगे.

हालांकि जिन लोगों के पास जमीन या इससे जुड़े कागजात नहीं हैं, उनके लिए भी व्यवस्था रखी गई है. ऐसे आवेदक आवेदन के समय जगह निरीक्षण का विकल्प चुन सकते हैं. इसके बाद राजस्व कर्मी मौके पर जाकर जांच करेंगे और सही पाए जाने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा.

सरकार के इस फैसले से अब प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया थोड़ी सख्त जरूर हो गई है. इससे फर्जीवाड़ा कम होगा और सही लोगों को ही इसका लाभ मिलेगा.

 

#New Rules 2026

Source : Agency

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