इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में होगा 11 हजार करोड़ की सड़कों का भूमिपूजन
इंदौर
भारत माला परियोजना में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के मध्यप्रदेश के हिस्से की सड़क के निर्माण की शुरुआत कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी प्रदेश को सौगात देंगे। इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में इस परियोजना का भूमि पूजन और लोकार्पण होना है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ समेत प्रदेश के कई मंत्री, सांसद, विधायक मौजूद रहेंगे। आज ही प्रदेश के पहले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क आधारशिला रखी जाएगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भारत माला परियोजना के अंतर्गत दिल्ली से देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस परियोजना में 1356 किलोमीटर लंबाई वाले मार्ग के निर्माण पर भारत सरकार ने 90 हजार करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। परियोजना को जनवरी 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग मध्यप्रदेश सहित देश के पांच राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। परियोजना का 245 किलोमीटर क्षेत्र मध्यप्रदेश में राजस्थान के रामगंज मंडी से प्रवेश करता हुआ मंदसौर, रतलाम, झाबुआ जिले से गुजरता अनास नदी के पास गुजरात राज्य में प्रवेश करेगा। प्रदेश में 245 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे निर्माण पर 11 हजार 183 करोड़ रुपए का व्यय होगा।
कार्यक्रम में केन्द्र तथा राज्य सरकार के मध्य इंदौर में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क निर्माण का एमओयू भी साइन होगा। भारत माला परियोजना के तहत केन्द्र तथा राज्य सरकार के मध्य इंदौर से झाबुआ मार्ग में माचल गांव के समीप 150 एकड़ में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने के संबंध में अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाएगा। यह लॉजिस्टिक पार्क बीओटी फार्मूले पर बनाया जाएगा।
4841 करोड़ की लागत से 589 किमी लम्बाई की फोरलेन व टू लेन सड़कों के निर्माण व मजबूतीकरण के लिए भूमिपूजन किया जाएगा। इसमें इंदौर झाबुआ मार्ग पर माछलिया घाट का फोर लेन कार्य 16 किमी लागत 323 करोड़, बलवारा से बोरगांव मार्ग फोर लेन 98 किमी लागत 1868 करोड़, माधव नेशनल पार्क का शेष फोरलेन कार्य (ग्वालियर शिवपुरी मार्ग पर) 6 किमी लागत 178 करोड़ और नौरादेही वाइल्ड लाइफ सेंचुरी (जबलपुर से भोपाल मार्ग) के शेष फोरलेन रूट 12 किमी लागत 155 करोड़ के लिए शिलान्यास किया जाना है।
साथ ही भोपाल में फ्लाईओवर (भोपाल चौराहा से इंदिरा गांधी चौक) 2 किमी लंबा लागत 155 करोड़, सागर से मौहारी फोरलेन मार्ग (सागर से छतरपुर रोड) 42 किमी लागत 791 करोड़, बमीठा से खजुराहो मार्ग फोरलेन 10 किमी लागत 73 करोड़, रीवा से बेला मार्ग फोरलेन 13 किमी लागत 337 करोड़, सतना से मैहर मार्ग टू लेन 39 किमी 615 करोड़, अटारघाट से सबलगढ़ मार्ग टू लेन 107 किमी 154 करोड़ और प्रदेश के अन्य स्थानों पर 244 किमी सड़क मजबूतीकरण लागत 143 करोड़ का भी भूमिपूजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिन 4736 करोड़ रुपए की लागत से 767 किमी लंबाई की फोरलेन और टू लेन सड़क निर्माण और मजबूतीकरण के कार्य कराए गए हैं, उनका लोकार्पण होगा। इसमें भोपाल ब्यावरा मार्ग मुबारकपुर से ब्यावरा फोरलेन 97 किमी, लागत 897 करोड़, ग्वालियर से झांसी होकर खजुराहो तक 168 किमी फोरलेन सड़क, लागत 2209 करोड़ का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही बमीठा से सतना टू लेन 98 किमी लागत 191 करोड़, सिवनी नागपुर मार्ग में पेंच वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में जानवरों के नैसर्गिक आवागमन के मद्देनजर 14 अंडरपास सहित 29 किमी लंबा फोरलेन लागत 968 करोड़ रुपए और इंदौर सिक्सलेन बाइपास में 21 किमी दूरी तक 83 करोड़ की लागत से स्ट्रीट लाइट और सर्विस रोड निर्माण तथा शुजालपुर से आष्टा तक टू लेन रोड लंबाई 44 किमी, लागत 236 करोड़ का लोकार्पण होगा। साथ ही इंदौर बैतूल रातापानी वाइल्ड लाइफ गुलगंज, अमानगंज, कटनी, डिंडोरी-शहडोल, पिछोरा-बिनोरा, श्योपुर-सवाई माधोपुर सहित कई सड़कों के मजबूतीकरण के काम जिसकी लागत 152 करोड़ और लंबाई 310 किमी है, उसका भी लोकार्पण किया जाएगा।

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