औबेदुल्लागंज से सीहोर के बीच 720 करोड़ की लागत से बनेगा रिंग रोड
भोपाल
आने वाले समय में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सीहोर 720 करोड़ रुपए की लागत से एक नया रिंग रोड तैयार किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है बस एनएचएआई से अनुमोदन का इंतजार है इसके बाद यह काम शुरू किया जाएगा। इस रिंग रोड के बन जाने के बाद औबेदुल्लागंज से सीहोर के बीच की 42 किलोमीटर की दूरी काफी कम समय में तय की जा सकेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस रिंग रोड के लिए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा था।
मुख्यमंत्री ने मांग की थी कि भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण में इस रिंग रोड को बनाया जाना आवश्यक है ताकि शहरी क्षेत्रों में यातायात के दबाव को कम किया जा सके। इस रिंग रोड के निर्माण से राजधानी भोपाल को औद्योगिक केन्द्र तथा लाजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकेगी। अधिकांश शहरों में रिंग रोड के निर्माण के लिए अधिकांश कामों के डीपीआर राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण तैयार कर रहार है। इसलिए भोपाल रिंग रोड के कामों को भी भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण में स्वीकृत करने का अनुरोध मुख्यमंत्री ने किया है। राष्टÑीय राजमार्ग से जुड़ाव के आधार पर मात्र पचास प्रतिशत भू-अर्जन राशि ही राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। शेष संपूर्ण निर्माण एवं शेष भू अर्जन की राशि राष्टÑीय राजमार्ग अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) वहन करेगी। यह रिंग रोड भोपाल से भोपाल देवास मार्ग को जोड़ेगा। इसमें उत्तर पूर्व बायपास पूर्व से निर्मित है। शेष मंडी दीप से भोपाल-देवास तक 42 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाए जाने के लिए एमपीआरडीसी ने डीपीआर तैयार कर ली है। इसके एलाइनमेंट को एनएचएआई से मंजूरी मिलना बाकी है। औबेदुल्लागंज से यह मार्ग सीधे सीहोर होते हुए भोपाल-देवास मार्ग पर जुड़ेगा।
नए रिंग रोड से यह होगा फायदा
इस नये रिंग रोड के बनने के बाद मंडीदीप से औबेदुल्लागंज होते हुए सीहोर रोड तक सीधा मार्ग बन जाएगा। लोगों को भोपाल शहर में अंदर नहीं आना पड़ेगा। इससे देवास होते हुए इंदौर शहर की दूरी भी कम समय में पूरी की जा सकेगी। रिंग रोड बनने से शहरी यातायात से निजात मिलेगा। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, देवास के औद्योगिक क्षेत्रों तक जाने-आने में आसानी होगी। इससे निवेशक इन मार्गों से जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश करने आगे आएंगे।

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