Sunday, April 19th, 2026

एमपी पटवारी भर्ती में आरक्षण घोटाला: हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी, याचिकाकर्ता को नियुक्ति का आदेश

ग्वालियर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वर्ष 2008 की पटवारी भर्ती प्रक्रिया में याचिकाकर्ता दतिया निवासी धर्मेंद्र सिंह सिकरवार को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति दी जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि आरक्षण नीति का उल्लंघन करते हुए जिस अभ्यर्थी को जनरल मेरिट में चुने जाने के बावजूद आरक्षित वर्ग में समायोजित किया गया, वह पूरी तरह से अवैध था।

यह मामला 2008 की पटवारी भर्ती से जुड़ा हुआ है, जिसमें याचिकाकर्ता ने ओबीसी (विकलांग) श्रेणी से आवेदन कर परीक्षा उत्तीर्ण की थी। याचिकाकर्ता ने प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया था, लेकिन इसके बाद नियुक्ति नहीं दी गई।

इसके पीछे कारण बताया गया कि उस पद पर पहले से एक अन्य अभ्यर्थी की नियुक्ति की जा चुकी है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि याची के स्थान पर चुने व्यक्ति ने सामान्य (जनरल) श्रेणी में आवेदन किया था और सामान्य श्रेणी की मेरिट में चयनित हुआ था। इसके बावजूद उसे ओबीसी-विकलांग श्रेणी में समायोजित कर दिया गया, जिससे याचिकाकर्ता का हक छिन गया।

 

 

#Patwari Bharti Pariksha

Source : Agency

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