Wednesday, October 21st, 2026

रिपोर्ट: पाकिस्तान पर कसा अंतरराष्ट्रीय ताकतों का शिकंजा, FATF का अनुपालन हुआ जरूरी

इस्लामाबाद
आतंकवाद के पनाहगार देश पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा ग्रे लिस्ट में रखे जाने के बाद अब पाकिस्तान के लिए एफएटीएफ का अनुपालन करना आवश्यक हो गया है। मंगलवार को पाकिस्तानी मीडिया में यूरोपीय संघ के हवाले से इस बात की जानकारी दी गई है। बता दें कि इससे पहले 21-25 जून को हुई एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में बरकरार रखते हुए कहा गया था कि पाक को संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी संगठनों और हाफिज सईद व मसूज अजहर जैसे उनके सरगनाओं पर कानूनी कार्रवाई करनी होगी।
 
पेरिस स्थित एफएटीएफ के प्रमुख मार्कस प्लेयर ने बताया कि डिजिटल माध्यम से आयोजित बैठक में पाकिस्तान को लेकर कई निर्णय लिए गए। इसमें एफएटीएफ का अनुपालन भी शामिल है। इसके अलावा बैठक में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान को अपनी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने की दिशा में भी काम करना जारी रखना होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मार्कस प्लेयर ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार धन शोधन को रोकने में नाकामयाब नहीं है जिससे भ्रष्टाचार और आतंकवाद को आर्थिक फायदा पहुंचता है।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान फिलहाल अभी इन्क्रीज्ड मॉनिटरिंग लिस्ट (ग्रे सूची) में ही रहेगा। एफएटीएफ की तरफ से साल 2018 में जिन 27 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करने के लिए पाकिस्तान की सरकार को लक्ष्य दिया गया था उनमें से 26 पर कार्रवाई की गई है। बैठक में पाकिस्तान ने कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा जिन सरगनाओं और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है उसे पूरा किया जाए। इसके साथ ही एफएटीएफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने धन शोधन रोधी कानून में संशोधन कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना चाहिए।


 

 

#FATF

Source : Agency

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