रखरखाव शुल्क ले रही एमपी की आठ सोसायटियों का पंजीयन निरस्त
भोपाल
मध्यप्रदेश में आवासीय और व्यावसायिक परिसरों के रखरखाव के लिए सोसायटी समिति के पंजीयन का कोई प्रावधान नहीं है। इस तरह की समितियोंं पर पंजीयक फर्म्स एवं सोसायटी ने शिकंजा कस दिया है। पंजीयन कराने के बाद आवासीय परिसरों के सदस्यों से रख्ररखाव के नाम पर नियमविरुद्ध भारी-भरकम शुल्क वसूली करने की जानकारी मिलन पर रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी ने भोपाल की ग्रीन मेडोज रेसीडेन्टस वेलफेयर सोसायटी समेत प्रदेश की आठ समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया है।
राज्य सरकार ने अभी तक प्रदेश के आवासीय भवन, परिसर और व्यावसायिक परिसर के रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 के अंतर्गत सोसायटी पंजीयन का कोई प्रावधान नहीं किया है। लेकिन प्रदेशभर में रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी में पंजीयन कराकर समिति के सदस्यों को शासकीय पंजीयन और नियमों की धौंस देते हुए हर माह मासिक रखरखाव के नाम पर मोटी फीस वसूली जा रही है। ये समितियां रखरखाव शुल्क नहीं देने वाले सदस्यों की पानी और बिजली की सप्लाई रोकने, साफ-सफाई व्यवस्था नहंी करने और सदस्यों के आवासीय और व्यावसायिक परिसर में आने-जाने वालों को रोकने तथा गतिविधियों पर पाबंदी लगाने की नियम विरुद्ध कार्यवाही करती है। प्रदेश में ऐसी आठ संस्थाओं की शिकायत मिलने पर जांच की गई और इन समितियों के पंजीयन निरस्त करते हुए रखरखाव शुल्क लेने पर रोक लगाई गई है।
इन समितियों का पंजीयन निरस्त
शालीमार टाउनशिप रेजिडेन्टस वेलफेयर सोसायटी इंदौर, परमाणु नगर रहवासी संघ इंदौर, द ब्लॉयर वेलफेयर सोयायटी भोपाल, फॉरच्यून सिग्नेचर जन कल्याण समिति भोपाल, ग्रीन मेडोज रेसीडेन्टस वेलफेयर सोसायटी भोपापल, रामनगर नीलबड़ जन कल्याण समिति भोपाल, इंडस सिटी कल्याण समिति भोपाल, राम जानकी वेलफेयर सोसायटी भोपाल।

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