रानी कमलापति महल: बाघ मूवमेंट, कांग्रेस दल को गिन्नौरगढ़ जाने से रोका
भोपाल
गिन्नौरगढ़ स्थित रानी कमलापति के महल में कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल को एंट्री न मिलने से प्रदेश में आदिवासियों पर हो रही सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस का एक दल गिन्नौरगढ़ स्थित रानी कमलापति के महल की वर्तमान स्थिति देखने के लिए जाना चाहता था लेकिन उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि महल के आसपास बाघ का मूवमेंट है ऐसे में किसी का भी वहां जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसपूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महल की दुर्दशा को छिपाने के लिए ऐसा कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस के विधायकों की एक समिति बनाई और उसे रानी कमलापति के गिन्नौरगढ़ के किले का निरीक्षण के लिए जाने को कहा था। इस समिति में कांग्रेस विधायक सज्जन वर्मा, ओमप्रकाश मरकाम, हीरालाल अलावा, पांचीलाल मेढ़ा और बलवीर सिंह तोमर शामिल थे। 13 दिसंबर को इस समिति के गिन्नौरगढ़ दौरे के लिए सीहोर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने वन मंडल अधिकारी औबेदुल्लागंज को आवेदन पत्र अनुमति के लिए दिया लेकिन वन मंडल अधिकारी की तरफ से जवाब आया कि इस इलाके में बाघ मूवमेंट है और इसके चलते किसी भी तरह का खतरा विधायकों को हो सकता है। साथ ही बाघ गणना का हवाला देकर विधायकों के प्रतिनिधिमंडल को जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इसे पूरे घटनाक्रम पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा का आरोप है कि दरअसल सरकार रानी कमलापति के महल की बदहाली को जनता के सामने नहीं आने देना चाहती, इसीलिए विधायकों की समिति के जाने पर रोक लगा दी गई। पूर्व मंत्री का कहना है कि कांग्रेस ने इस महल के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया है और इसके किले की वास्तविक हालात अब जनता के सामने लाकर ही रहेंगे।

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