मार्च 2023 की रामनवमीं तक रामलला का अयोध्या में मंदिर बनकर कर तैयार हो जायेगा - स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
जबलपुर
राम मंदिर ट्रस्ट के स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि 2023 की रामनवमी तक अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तेजी से जारी है। वे जबलपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। वे शनिवार शाम ग्वारीघाट में नर्मदा महाआरती में भी शामिल हुए।
स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने बताया कि अयोध्या में श्री राम मंदिर का कार्य साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। मार्च 2023 तक सजाने-संवारने का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। अगले साल की रामनवमी नवनिर्मित भव्य मंदिर में ही मनाई जाएगी। स्वामी वासुदेवानंद प्रयागराज के माघ मेले से होकर होशंगाबाद के एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं।
संतों के हृदय में सदैव ही रहता है सर्वत्र का भला करने का भाव’
संतों के हृदय में सदैव ही सर्वत्र का भला करने का भाव रहता है। उनका परम धर्म मानवता की सेवा करना ही होता है। उक्तउद्गार सत्गुरुमाता सुदीक्षा ने 11 फरवरी को महाराष्ट्र के तीन दिवसीय 55वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का शुभारम्भ करते हुए मानवता के नाम प्रेषित अपने संदेश में व्यक्तकिए। चेम्बूर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन से इस संत समागम का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। संत समागम का आनंद सम्पूर्ण देश विदेश के भक्तों के साथ जबलपुर के भी लोगों ने घर बैठकर प्राप्त किया। संत समागम के अवसर पर सत्गुरु माता सुदीक्षा के कर कमलों से विश्वास भक्तिआनंद समागम स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इसमें मराठी, हिन्दी, गुजराती एवं नेपाली भाषाओं में अनुभवी संतों के सारगर्भित लेख सम्मिलित हैं।
श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मिलता है भक्त को परम सुख
श्रीमद् भागवत भगवान श्री कृष्ण के श्रीमुख से निकला एक ऐसा अमोध ग्रंथ है जिसके श्रवण मात्र से परम सुख की प्राप्ति होती है।
प्रवचन कि यह अमृत वर्षा श्रीमद् भागवत कथा प्रवक्ता ओम प्रकाश गर्ग ने वार्ड क्रमांक छह चोपड़ा मोहल्ला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कही। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण बाल लीला का वर्णन किया। कथा के शुभारम्भ पर गुरु सुनील दत्त दुबे, रवि दत्त दुबे, सुशील दत्त दुबे, आयोजक अशोक रजक, गोमती रजक ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। आयोजन में तुलसा सोना गुड्डी, बसंत, कमलेश, राजकुमार, राजेश राजा, के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन
शामिल थे।

पाठको की राय