Tuesday, October 20th, 2026

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि ट्रेन के कंबल हर यात्रा के बाद साफ नहीं किए जाते

नई दिल्ली
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि ट्रेन के कंबल हर यात्रा के बाद साफ नहीं किए जाते। उन्होंने बताया कि यात्रियों को प्रदान किए जाने वाले ऊनी कंबल महीने में कम से कम एक बार धोए जाते हैं। इसके अलावा, बेडरोल किट में एक अतिरिक्त चादर दी जाती है, जिसे कंबल के कवर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, यह जवाब कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदोरा के उस सवाल पर आया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि यात्री स्वच्छ बेडिंग के लिए शुल्क अदा करने के बावजूद ऊनी कंबल क्यों महीने में केवल एक बार ही धुलते हैं।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान मानकों के अनुसार, भारतीय रेल में उपयोग की जाने वाली कंबल हल्की, धोने में आसान और बेहतर गर्मी प्रदान करती हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री सुविधा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें बेहतर गुणवत्ता वाले लिनेन की खरीद, मशीनीकृत लॉन्ड्री में स्वच्छता सुनिश्चित करना, मानक मशीनों और विशेष रसायनों का उपयोग करना और धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता जांचने के लिए 'व्हिटो-मीटर' का उपयोग शामिल है।

रेलवे ने लिनेन की जीवन अवधि को भी कम कर दिया है ताकि नए सामान जल्दी उपलब्ध कराए जा सकें। रेलमदद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के लिए 'वॉर रूम' बनाए गए हैं, जहां शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होती है। मंत्री ने यह भी बताया कि बेडरोल को पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग में उपलब्ध कराया जाता है और इन्हें स्टेशनों व ट्रेनों पर स्टोर, परिवहन, लोडिंग और अनलोडिंग के लिए बेहतर तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

 

#Railway Minister Ashwini Vaishnav

Source : Agency

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