Thursday, October 22nd, 2026

14 साल बाद नरपतगंज स्टेशन पर फिर पहुंचा रेल इंजन

नरपतगंज

नरपतगंज-सहरसा रेलखंड में फारबिसगंज से प्रतापगंज ट्रेनों का परिचालन जो बंद हुआ था,वह अब तक बंद है।लेकिन 14 साल बाद नरपतगंज स्टेशन पर जब ट्रायल इंजन पहुंचा तो ट्रेन की सिटी की आवाज सुनने के बावजूद नरपतगंज के लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ कि स्टेशन पर कोई ट्रेन आई है। इंजन की सीटी की आवाज सुनकर लोग स्टेशन की ओर दौड़ पड़े। बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्र से लोगों ने रेलवे स्टेशन पर पहुंच कर देखा तो पाया कि स्टेशन पर इंजन लगा है और ट्रेन के लोको पायलट उसमें सवार हैं।

लोको पायलट को लोगों ने फूलों से लादा
फिर क्या था स्थानीय लोगों ने फूल माला पहनाकर रेल इंजन के लोको पायलट का स्वागत किया। इसके बाद इंजन पर सेल्फी लेने तथा देखने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। रेलवे अधिकारियों की मानें तो ललितग्राम से नरपतगंज तक पहले चरण में अप्रैल 2022 तक तथा दिसंबर 2022 तक फारबिसगंज तक रेल परिचालन शुरू हो सकता है। बड़ी संख्या में बच्चे,महिलाएं और पुरुष स्टेशन पर पहुंच कर इंजन का निहारते रहे और उतनी ही संख्या में युवा इंजन पर चढ़कर सेल्फी लेने लगे। इंजन के साथ सेल्फी लेने की तो मानो होड़ मच सी गई।

कुसहा त्रासदी के बाद से ही ट्रेन का परिचालन है बंद
18 अगस्त 2008 को नेपाल में कोसी पर बना पूर्वोत्तर तटबंध कुसहा गांव के पास टूट गया था, जिसके बाद भारी तबाही मची थी। जानमाल के साथ आवागमन व्यवस्था भी पूरी तरह ठप्प हो गया था। कुशहा त्रासदी का व्यापक असर फारबिसगंज-सहरसा रेलखंड पर भी पड़ा था। कोसी के जलप्रलय ने फारबिसगंज से लेकर नरपतगंज होते हुए प्रतापगंज आदि क्षेत्रों में कई जगहों पर रेलखंड को तहस-नहस कर दिया था। जिसके बाद ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप्प हो गया था। हालांकि विगत एक वर्ष पूर्व राघोपुर से सहरसा तथा विगत 08 महीने पूर्व 27 अगस्त 21 को राघोपुर से ललितग्राम तक रेलखंड पर इंजन का ट्रायल कर रेल परिचालन शुरू कर दिया गया। जिसके बाद ललित ग्राम से फारबिसगंज तक रेल खंड पर रेल परिचालन को लेकर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।आपको बता दें कि कुसहा त्रासदी के बाद से 2008 में रेल परिचालन बंद होने के बाद फारबिसगंज से राघोपुर रेलवे स्टेशन के बीच 20 जनवरी 2014 को ही मेगा ब्लाक लिया गया था। फारबिसगंज से ललितग्राम तक का काम प्रथम चरण के तहत मेगा ब्लाक तो फारबिसगंज से राघोपुर रेलवे स्टेशन करीब 48 किलोमीटर तक लिया गया था।

 

#नरपतगंज स्टेशन

Source : Agency

पाठको की राय