सुखोई और मिराज की गर्जना से गूंजा पूर्वांचल E'way, वायुसेना ने PM के सामने दिखाया शौर्य
सुल्तानपुर
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के मौके पर भारतीय वायुसेना ने पीएम नरेन्द्र मोदी के सामने अपना शौर्य दिखाया। सुखोई, जगुआर और मिराज जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने एक-एक कर सुल्तानपुर के करवल खीरी में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर लैंड किया और थोड़ी देर बाद उड़ान भी भरी। लड़ाकू विमानों की गर्जना देर तक सुनाई देती रही। पीएम मोदी के सामने वायुसेना के मिराज-2000 मल्टीरोल फाइटर ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई एयर स्ट्रिप पर इमरजेंसी लैंडिंग की। इसके बाद मिराज में फ्यूल भी भरा गया। थोड़ी देर बाद यहीं से मिराज ने उड़ान भी भरी। विमानों की लैंडिंग के बीच लोगों को उनकी खासियतों के बारे में जानकारी भी दी जाती रही। सबसे पहले मिराज 2000 ने लैंड किया। इसके बाद एएन 32 मालवाहक विमान लैंड हुआ जिससे उतरे कमांडोज ने प्रदर्शन किया कि कैसे किसी समस्याग्रस्त स्थान पर पहुंचकर वे स्थितियों को काबू में ले सकते हैं। एयर शो में मिराज और एएन-32 के अलावा मिराज, सुखोई जैसे प्लेन शामिल रहे। मिराज 2000 ने टच एंड गो का ऑपरेशन भी दिखाया। सुखोई 30 ने आसमान में करतब दिखाए। लड़ाकू विमान आसमान में तिरंगा बनाते हुए निकले तो नीचे लोगों ने तालियां बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। गौरतलब है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एयर स्ट्रिप बनने के बाद यूपी देश का अकेला ऐसा राज्य बन गया है जहां तीन एक्सप्रेस वे पर एयर स्ट्रिप्स बनीं हैं। इससे पहले आगरा एक्सप्रेस-वे पर भी मिराज 2000, जगुआर, सुखोई-30 और सुपर हरक्यूलिस जैसे विमानों को सफलतापूर्वक उतारा जा चुका है।
हरक्यूलिस विमान से पहुंचे पीएम मोदी
इसके पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के लिए वह हरक्युलिस विमान से वहां पहुंचे थे। वह किसी एक्सप्रेस वे पर हरक्यूलिस विमान से पहुंचने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं।
चीन को चैलेंज देगा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
चीन नए हवाई अड्डों का निर्माण कर रहा है। 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक बने मौजूदा हवाई अड्डों को अपग्रेड कर रहा है। इस बीच पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर कूड़ेभार में 3.3 किलोमीटर लंबा रनवे भी बनाया गया है। यहां कठिन से कठिन परिस्थितियों में लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराई जा सकती है।लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भी इसी प्रकार की हवाई पट्टी है। एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) एस कृष्णास्वामी के अनुसार, यूपी राजमार्गों पर नवनिर्मित हवाई पट्टियां भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की योजनाओं का हिस्सा हैं। विशेष रूप से मिराज -2000 एच जैसे लड़ाकू विमानों और सी-130 जे हरक्यूलिस जैसे परिवहन विमानों के वजन को संभालने के लिए सड़कों के साथ डिजाइन किए गए हैं।

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