पंजाब के DGP सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को हटाया
चंडीगढ़. चुनाव आयोग आज शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने वाला है। तारीखों की घोषणा से ठीक पहले पंजाब में चन्नी सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए पंजाब सरकार ने डीजीपी (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को हटा दिया है। उनकी जगह पर पंजाब पुलिस का नया मुखिया बना दिया गया है।
आचार संहिता लागू होने से पहले वीके भवरा को बनाया नया डीजीपी
दरअसल, चुनाव की तारीखों का ऐलान होते सभी राज्यों में आचार संहिता लागू हो जाएगी। बस इसी के चलते मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शनिवार दोपहर आचार संहिता लागू होने से चंद घंटे पहले डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को हटाते हुए उनकी जगह पर नए IPS अफसर वीके भवरा को पंजाब का डीजीपी बना दिया है।
इस वजह से तो नहीं आए पंजाब के नए डीजीपी
बता दें कि पंजाब के नए डीजीपी बनाए गए वीके भावरा 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। विजिलेंस चीफ के तौर पर भी काम कर चुके हैं। वह अब पंजाब में नए DGP का पदभार संभालेंगे। भावरा के बारे में सबसे खास बात यह है कि वह 2019 में भी बतौर एडीजीपी रहते हुए पंजाब में विधानसभा चुनाव करवा चुके हैं। शायद इसलिए चन्नी सरकार उनको लेकर आई है जिससे उनकी अगुवाई में ही पंजाब पुलिस अगले विधानसभा चुनावों में सुरक्षा व्यवस्थाएं संभालेंगी।
आधी रात के बाद भवरा के नाम पर लगी मुहर
बताया जा रहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 4 जनवरी को पंजाब में स्थायी DGP लगाने के लिए तीन अफसरों के नाम का पैनल भेजा था। इसके बाद की रात शुक्रवार मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी और गृह विभाग के एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी अनुराग वर्मा के बीच नए डीजीपी के नाम की चर्चा हुई। आखिर में जाकर वीके भवरा का नाम फाइनल हुआ।

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