NLIU की 100 छात्राओं से यौन शोषण मामले में प्रोफेसर का इस्तीफा, जांच के आदेश
भोपाल
देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय(एनएलआईयू) की करीब 100 छात्राओं के साथ यौन शोषण करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं पीड़िताओं के साथ शोषण करने वाले प्रोफेसर तपन रंजन मोहंती का इस्तीफा भी हो गया है। पीड़ित छात्राओं से शोषण के आरोप की शिकायत प्रबंधन तक पहुंच गई थी। प्रबंधन ने जांच कर प्रोफेसर मोहंती को दोषी मानते हुए कार्रवाई की है। पीड़िताओं ने प्रबंधन से मांग की है कि अब मामले की जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह से पूरे मामले की जांच कराई जाए।
एनएलआईयू का डिग्रियों में किये फर्जीवाडे के दाग धुल ही नहीं पाये थे कि प्रो तपन रंजन मोहंती ने एनएलआईयू की करीब 100 छात्राओं का यौन शोषण किया है। यहां तक उन्होंने एनएलआईयू में पढने वाले नाबालिग छात्राओं तक को नहीं छोडा है। उन्हें अश्लील मैसेज व्हाटसएप पर किये हैं, जो छात्राओं के पास सबूत के तौर पर मौजूद हैं। इसके चलते आज सुबह छात्रों ने प्रो. मोहंती को घिराव किया। सभी फैकल्टी सदस्यों के सामने पीडित छात्राओं ने उन्हें बताया कि प्रो. मोहंती उनके साथ कैसे मैसेज, कमिंटस पास करते थे। जानकारी के मुताबिक प्रो. मोहंती छात्राओं के आरोपों को झूठताते रहे। इसके बाद सभी कुलपति वीरभद्र विजयकुमार ने एनएलआईयू की छवि को बचाते हुये प्रो. मोहंती को कहाकि वे इस्तीफा दे नहीं तो दूसरे विकल्प के तौर पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके चलते प्रो. मोहंती ने इस्तीफा दिया है, जिससे तत्काल कुलपति विजयकुमार ने स्वीकृत कर दिया है।
पाक्सो एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
एनएलआईयू के विद्यार्थियों के साथ अन्य प्रोफेसरों का कहना है कि मोहंती ने काफी शर्मनाक कार्य किया है। इसके लिये उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिए। एनएलआईयू में 16 से 18 वर्ष तक छात्राएं अध्ययनरत हैं। उन्हें कक्षाओं में भदे कमिंटस प्रो. मोहंती द्वारा किये गये हैं। इसलिये उनके खिलाफ पास्को एक्ट के तहत कार्रवाई होना चाहिए।
आईबी की घुसपैठ
एनएलआईयू में इंफोरमेशन ब्यूरो के लोग घूम रहे हैं। वे विद्यार्थियों पर पे्रशन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस्तीफा होने के बाद हाईकोर्ट से कुछ फोन संस्थान के अधिकारी, प्रोफेसर और विद्यार्थियों के पास पहुंचे हैं, जिन्हें उन्होंने रिकार्ड कर लिया है।
एफआईआर कराएंगे दर्ज
छात्राओं से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्राओं ने मांग कि है मोहंती की जांच भोपाल की जिला न्यायाधीश गिरीबाल सिंह से कराई जाए। क्योंकि वे पूर्व में एनएलआईयू में रजिस्ट्रार रह चुकी हैं। डिग्री में फर्जीवाडा करने के आरोप में भी कार्रवाई होना शेष है।

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