सहकारी संस्था सदस्यों के अधूरे पतों से दिक्कत, निर्वाचन प्रक्रिया बाधित
भोपाल
मध्यप्रदेश में सहकारी संस्थाएं गठन के समय अपने सदस्यों के आधे-अधूरे पते प्रदर्शित करती है। इसके कारण इन संस्थाओं के निर्वचन प्रक्रिया में बाधा आ रही है। राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी ने जिले के सहकारी अफसरों को चेताया है कि संस्थाओं के प्रस्ताव सदस्यों के पूर्ण पते के साथ ही भेजें ताकि संस्था की निर्वाचन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो सके।
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी कार्यालय के प्रभारी सचिव ने प्रदेशभर के उप आयुक्त और सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया है कि जिलों में पंजीकृत विभिन्न सहकारी संस्थाओं से निर्वाचन के लिए प्राप्त प्रस्तावों को अग्रेषित किया जाकर उनके कार्यालय को भेजा जाता है। इन प्रस्तावों का परीक्षण किए जाने पर यह पाया गया है कि प्रस्ताव के साथ संलग्न सदस्यता सूची में सदस्यों के डाक के पूर्ण पते नहीं दर्शाये जाते हैं। ऐसी स्थिति में सदस्यों को निर्वाचन संबंधी विभिन्न सूचनाएं डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाना संभव नहीं होता है।
अनेक संस्थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में संस्था सदस्यों द्वारा निर्वाचन संबंधी सूचना प्राप्त नहीं होने संबंधी शिकायतें समय-समय पर उनके कार्यालय को मिलती रही है। ऐसी स्थिति में सहकारी संस्था की निर्वाचन प्रक्रिया दूषित होने की संभावना बनी रहती है।
प्रस्तावों का पहले से ही कर लें परीक्षण
अधिकारियों से कहा है कि सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन के लिए संस्थाओं से प्राप्त प्रस्तावों का पहले ही परीक्षण कर ले और सदस्यता सूची मेंं सदस्यों के पूर्ण पते नहीं होने की स्थिति में संस्था से सदस्यता सूची में सदस्यों के पूर्ण पते दर्शाए जाने पर ही प्रस्ताव भेजे ताकि संस्था की निर्वाचन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो सके।

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