Wednesday, October 21st, 2026

पदोन्नति की आड़ में तबादले से नहीं बच पाएंगे पुलिस अफसर: राजेश राजौरा

भोपाल
प्रदेश में होंने वाले त्रिस्तरीय और नगरीय निकायों के चुनावों में पदोन्नति के बाद उसी जिले में पदस्थ किए गए अफ सर नवीन पद के कार्यकाल के आधार पर तीन साल के क्राइटएरिया में तबादले से नहीं बच सकेंगे। चुनाव आयोग ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि ऐसे अफसरों के पूर्व के पद और नवीन पद दोनों  के कार्यकाल को जोड़कर तीन साल की पदस्थापना की गणना की जाए। कोई भी अफसर नए पद के कार्यकाल के आधार पर तबादलों से बचे ना यह सुनिश्चित किया जाए।

प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और नगरीय निकायों के चुनावों में आयोग के पत्र के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा था। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिन अधिकारियोें को चुनाव ड्यूटी में लगाया जाना प्रस्तावित है। उनमें जिलों के प्रभार में वरिष्ठतम अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी, एएसपी, एसडीओपी, सिटी एसपी, टीआई, एसआई के लिए यह निर्देश लागू होंगे। ऐसे अधिकारी जो अगले छह माह के भीतर सेवानिवृत्त हो रहे है तथा आयोग के निर्देशों की सीमा के अंतर्गत आ रहे हो तो उन्हें इन निर्देशों से पृथक रखा जाए।

जिला नहीं थाने और अनुभाग बदलें
एक ही जिले में तीन साल से अधिक समय से जमे पुलिस छोटे स्तर के अधिकारियों के जिले बदलने की आवश्यकता नहीं है। जिले के अंतर्गत तीन साल पूरे कर चुके ऐसे अफसरों के एक ही थाने और अनुभाग से अन्य थाने और अनुभाग में तबादला कर दे। लेकिन इसमें यह ध्यान रखना होगा कि नवीन पदस्थापना का क्षेत्र जिस क्षेत्र में आयोग के निर्देशानुसार तीन वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है उसमें वह क्षेत्र शामिल नहीं होना चाहिए।

वर्जन
चुनाव आयोग ने तीन साल से एक ही स्थान पर जमे पुलिस अफसरों के तबादलों के संबंध में स्पष्ट कर दिया है। पदोन्नति के बाद एक ही जिले में पदस्थ पुलिस अफसरों के तीन साल के कार्यकाल के लिए अब पूर्व के पद और नवीन पद दोनो का कार्यकाल जोड़ा जा रहा है।
राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह

 

 

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Source : Agency

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