Tuesday, October 20th, 2026

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की जमीन पर हो रही प्लॉटिंग

छतरपुर
 महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर की गौरया गांव के पास आंवटित 418 एकड़ जमीन की देखरेख ही नहीं हो पा रही है। न तो अब तक विश्वविद्यालय भवन का निर्माण शुरू हो सका है और न ही जमीन रखरखाव हो रहा है। इस कारण खाली पड़ी जमीन पर भूमाफिया और कब्जेदार सक्रिय हो गए हैं। जमीन के बड़े हिस्से पर लोगों ने कब्जा करके खेती शुरू कर दी है इतना ही नहीं कुछ भूमाफियों ने तो यूनिवर्सिटी की जमीन पर कब्जे करके प्लाटिंग ही शुरू कर दी है।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय फिलहाल महाराजा कालेज में संचालित हो रहा है। 2014 में जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय के लिए गौरया गांव के पास बगौता मौजा में 418 एकड़ जमीन का आवंटन कर दिया है, लेकिन 8 साल गुजरने के बावजूद अब तक मौके पर यूनिवर्सिटी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। जमीन का सीमांकन कराने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपनी जमीन के चारों ओर एक नाली खुदवाकर जमीन को चिन्हित किया था, लेकिन भू माफिया नाली की पुराई करके जमीन पर कब्जा कर रहते जा रहे हैं।

दो स्थानों पर हो रही प्लाटिंग
गौरया रोड क्षेत्र में विश्वविद्यालय की जमीन पर दो स्थानों पर कब्जा करके प्लाटिंग की जा रही है। गौरया गांव की कच्ची सड़क पर जहां से विश्वविद्यालय की जमीन शुरू होती है वहीं सरकारी जमीन पर कब्जा करके प्लाटिंग शुरू कर दी गई है। यहां पर जेसीबी मशीनों से मिट्टी की सड़कों का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार करीब 100 मीटर आगे भी पत्थर खड़े करके प्लाटिंग के निशान बना दिए गए हैं। पास में अपने खेत पर काम कर रहे बालादीन कुशवाहा ने बताया कि इन दोनों ही स्थानों पर यूनिवर्सिटी की जमीन का कुछ रकवा प्लाटिंग में शामिल करके बेचा जा रहा है।

50 एकड़ में अभी काटी कब्जेदारों ने फसल
यूनिवर्सिंटी की खाली पड़ी जमीन पर कई कब्जेदारों ने अतिक्रमण करके खेती भी शुरू कर दी है। पिछले महीने ही कब्जेदारों ने फसल काटी है। विश्वविद्यालय की जमीन पर खेती के निशान अभी भी साफ नजर आ रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपनी जमीन पर अलग-अलग स्थानों पर कुछ बोर्ड लगाए हैं। कब्जेदारों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने बोर्ड तक को अपने कब्जे में ले लिया है।

150 करोड़ का प्रस्ताव 5 साल से भोपाल में पड़ा
विश्वविद्यालय परिसर तैयार करने के लिए निर्माण एजेंसी पीआईयू ने 150 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत चार चरणों में विश्वविद्यालय की बाउंड्रीवाल, प्रशासनिक भवन, एकेडमिक परिसर, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, स्टेडियम, छात्रावास, वीसी बंगला, रजिस्ट्रार बंगला, कर्मचारी आवास शामिल हैं। लेकिन ये प्रस्ताव पिछले पांच साल से भोपाल में पड़ा हुआ है।

 

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Source : Agency

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