दो साल से 12 हजार पार महिला आयोग में पेंडिंग शिकायतें
भोपाल
प्रदेश के राज्य महिला आयोग में लंबित शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रहा है। करीब पौने दो साल से आयोग का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इसके चलते महिलाओं की आने वाली शिकायतों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के मामले की सुनवाई बुधवार को कोर्ट में होने वाली है।
प्रदेश में वर्ष 2020 में महिला आयोग के पास 877 शिकायतें आई थी। इसके बाद अगले साल यानि वर्ष 2021 में शिकायतों की संख्या 1105 हो गई थी। इन दोनों सालों की मिलाकर शिकायतों की संख्या 1982 पहुंच गई थी। इससे पहले भी आयोग के पास में करीब दस हजार शिकायतें लंबित बताई जाती है। इस वर्ष भी करीब दो सौ शिकायतें आ चुकी है। खासबात यह है कि दो साल से अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का मामला कोर्ट में लंबित होने के चलते इन शिकायतों की छंटनी तक नहीं हो सकी है। आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। इन सभी की नियुक्ति मार्च 2020 में हुई थी।
यह है मामला
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का मामला कोर्ट में लंबित होना है। कांग्रेस शासनकाल में शोभा ओझा को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। साथ ही समिति में सदस्यों की नियुक्ति हुई थी। भाजपा की सरकार आने पर इन नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया था। जिस पर अध्यक्ष और सदस्यों ने कोर्ट में याचिका लगाई। तब से यह मामला कोर्ट में लंबित है।

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