Tuesday, October 20th, 2026

सोमवार को क्रिप्टो करेंसी के मसले पर संसद की स्थाई समिति करेगी विचार

नई दिल्ली

देश में क्रिप्टो करेंसी में युवा निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। तकरीबन हर रोज हजारों युवा क्रिप्टो करेंसी की ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट में दिलचस्पी लेते हुए देश में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के माहौल को बढ़ावा देने में जुटे हुए हैं।

इस बीच भारत में नियामक और नीतिगत कमियों की वजह से क्रिप्टो करेंसी पर उहापोह बढ़ता जा रहा है। वित्त मामलों पर संसद की स्थाई समिति ने क्रिप्टो करेंसी के मसले पर विचार करने के लिए सोमवार को मिलने का फैसला किया है। संसद की स्थाई समिति ने क्रिप्टो करेंसी एसोसिएशन और उद्योग जगत के एक्सपर्ट को मिलकर बातचीत करने के लिए बुलाया है। इस मीटिंग का नाम क्रिप्टो फाइनेंस: अपॉर्चुनिटी एंड चैलेंजेस रखा गया है।

वित्त मंत्रालय की पहल
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने इस मसले पर कई बार चर्चा कर ली है। वित्त मंत्रालय ने वित्त जगत के नियामक और उद्योग जगत के साथ पिछले कुछ हफ्तों में कई बार चर्चा की है। वित्त मंत्रालय का मानना है कि क्रिप्टो करेंसी के नियमन के लिए एक कानूनी फ्रेमवर्क बनाया जाना चाहिए।

लीगल टेंडर नहीं बने
भारत के रिजर्व बैंक और सेबी ने क्रिप्टो करेंसी सेक्टर के अनियंत्रित ग्रोथ को लेकर चिंता भी जताई है। भारत में नीति बनाने वाले लोगों के ग्रुप के बीच क्रिप्टो करेंसी को एक ऐसेट क्लास के रूप में मान्यता देने पर सहमति बन रही है, लेकिन उनका मानना है कि इसे लीगल टेंडर नहीं बनाया जाना चाहिए।

वित्तीय स्थिरता पर खतरा
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कुछ दिन पहले कहा था, "हमने मैक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को लेकर क्रिप्टो पर गंभीर चिंता जताई है। क्रिप्टो करेंसी के मसले से कैसे निपटा जा सकता है, इस बारे में हमने अपना सुझाव सरकार को सौंप दिया है। सरकार इस मसले पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही इस बारे में फैसला ले सकती है।"

सेबी और रिजर्व बैंक के अलग विचार
भारत का बैंकिंग नियामक आरबीआई जहां एक तरफ क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी चिंता साझा कर रहा है, वही पूंजी बाजार के नियामक सेबी ने कहा है कि इसे एक वित्तीय संपत्ति वर्ग की तरह ट्रीट किया जा सकता है। सेबी ने कहा है कि इस समय इसका क्रिप्टो करेंसी की क्लीयरिंग और सेटलमेंट पर कोई कंट्रोल नहीं है और इस वजह से दिक्कतें बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पहले कहा था कि वह सेंट्रल बैंक की डिजिटल करेंसी लांच करने की प्रक्रिया में है जिसे निजी टोकन की जगह आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।

 

Source : Agency

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