Monday, October 19th, 2026

पाम ऑयल की कीमतों में 15 फीसदी का उछाल,ग्लोबल फूड इनफ्लेशन रिकॉर्ड हाई पर

नई दिल्ली


खाद्य तेल (खाने में इस्तेमाल होने वाला तेल) की बढ़ती कीमतें महंगाई को काबू करने से जुड़ी कोशिशों को बड़ा झटका दे रही हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पाम ऑयल की कीमतों में इस साल 15 फीसदी का उछाल आया है और इसके प्राइसेज रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए हैं। वहीं, सोयाबीन ऑयल की कीमतों में 12 फीसदी की तेजी आई है। खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल फूड इनफ्लेशन को और मजबूती दे रही हैं, जो कि करीब-करीब रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई है।

दिसंबर में सबसे तेजी से बढ़े कंज्यूमर फूड प्राइसेज
भारत पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल का टॉप बायर है। इन एडिबल ऑयल्स (खाद्य तेल) की कीमतों में उछाल से दबाव बढ़ रहा है। 6 महीने में पिछले साल दिसंबर में कंज्यूमर फूड प्राइसेज सबसे तेजी से बढ़े हैं और इससे लोगों के घरों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। बढ़ती कीमतों ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी दबाव बढ़ाने का काम किया है, जो कि पहले से करीब 80 करोड़ लोगों को फूड ऐड दे रही है।

कीमतें घटाने के लिए सरकार ने उठाए हैं कई कदम
केंद्र सरकार ने कीमतों में नरमी लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा दी है। साथ ही, जमाखोरी रोकने के लिए इनवेंटरीज घटाई है। निकट भविष्य में फिलहाल सरकार के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। अनुभवी ट्रेडर और गोदरेज इंटरनेशनल में डायरेक्टर दोराब मिस्त्री का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी में और कटौती से कीमतों में नरमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि तत्काल समाधान रिफाइंड पाम ऑयल को इंपोर्ट करना और इसे मार्केट वैल्यू से कम पर पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के जरिए बेचना है।  

फूड मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने सवालों के जवाब में बताया कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत केंद्र सरकार, राज्यों को बांटने के लिए मुख्य रूप से गेहूं और चावल आवंटित करती है। राज्यों सरकारें अपने PDS प्रोग्राम में खुद के बजट से कोई भी चीज (जिसे वह उचित समझें) जोड़ने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।

बढ़ती कीमतों के बीच सभी राज्यों के साथ मीटिंग
खाद्य तेल की बढ़ती कीमत के बीच डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन ने बताया है कि देश में खाद्य तेल की कीमतों में नरमी लाने की योजना को लागू करने के लिए उसने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मीटिंग की है। सरकार ने 3 फरवरी को एक ऑर्डर नोटिफाइड किया है, जिसमें खाद्य तेल की कीमत कंट्रोल करने के लिए 30 जून तक एडिबल ऑयल और ऑयलसीड्स की स्टॉक लिमिट क्वान्टिटीज का जिक्र किया गया है।

 

#पाम ऑयल

Source : Agency

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