Wednesday, October 21st, 2026

हैदरपोरा मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, उपराज्यपाल ने कहा- किसी से नहीं होगा अन्याय

जम्मू
इससे पहले कि हैदरपोरा मुठभेड़ राजनीतिक रूप लेता उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने केे लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हैदरपोरा मुठभेड़ की जांच अतिरिक्त जिला आयुक्त रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। रिपोर्ट सामने आते ही सरकार उचित कार्रवाई करेगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आदेश में लोगों को यह यकीन भी दिलाया कि सरकार नागरिकों की रक्षा के लिए प्रतिबध है। किसी निर्दोष की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का पूरा प्रयास रहेगा कि किसी के साथ भी अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि एडीएम अधिकारी जल्द ही इस पर जांच प्रक्रिया शुरू कर देगा। पूरे मामले की जांच करने के बाद जब वह अपना रिपोर्ट पेश करेंगे, उसके अनुसार अगली कार्रवाई होगी।

आपको बता दें कि गत मंगलवार शाम को सुरक्षाबलों ने श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैदरपोरा में एक मुठभेड़ में दो आतंकवादियों व उनके दो मददगाराें को मार गिराया था। हालांकि पुलिस जिन लोगों को मददगार बता रही है, मृतकों के परिजन इसका विरोध करते हुए बार-बार मामले की जांच की मांग कर रहे थे। जिस मकान में आतंकी छिपे हुए थे, उस मकान के मालिक अल्ताफ व किरायेदार डॉ मुदस्सर गुल के परिजन मुठभेड़ के बाद से ही प्रेस एन्क्लेव श्रीनगर के बाहर धरना डाले हुए हैं। वे न्याय व अपने परिजनों के शव की मांग कर रहे हैं। अल्ताफ के परिजनों का कहना है कि वह सीमेंट व्यापारी थे न कि आतंकी। वहीं डॉ मुदस्सर के परिजन भी इस बात पर अड़े हुए हैं कि उनका बेटा किसी आतंकी संगठन से नहीं जुड़ा था, वह डेंटल सर्जन था। वहीं आइजीपी कश्मीर विजय कुमार के अनुसार हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादियों में एक पाकिस्तानी जबकि दूसरा बनिहाल का रहने वाला आतंकी मोहम्मद आमिर था। मुठभेड़ में मारे गए दो अन्य मोहम्मद अल्ताफ भट और मुदस्सिर गुल आतंकियों के मददगार थे। उन्होंने ही आतंकियों को अपने घर में पनाह दी थी। मुदस्सर ने अल्ताफ के ऊपरी माले में तीन कमरें किराए पर लिए हुए थे, जहां वह कॉल सेंटर चलाता था। इस कॉल सेंटर के जरिए ही आतंकी दूसरे देश में बैठे अपने आकाओं से संपर्क किया करते थे। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद वहां से हथियार, मोबाइल व लेपटाप-कंप्यूटर भी बरामद किए हैं। यही पाकिस्तान सहित अन्य देशों में इंटरनेट के जरिए संपर्क करने के सबूत भी मिले हैं। हालांकि इन सबूतों की जांच के लिए डीआइजी के नेतृत्व में एक सिट का गठन भी किया गया है।
 

 

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Source : Agency

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