Friday, April 17th, 2026

स्पीकर के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, अमित शाह बोले—यह लोकतंत्र का अपमान

नई दिल्ली
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'यह कोई आम बात नहीं है। करीब 4 दशक बाद, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाया गया है। यह पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स और इस सदन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।'
 
विपक्ष इमानदारी पर उठा रही सवाल
शुरूआती दिनों को याद करते हुए गृह मंत्री बोले, 'मैं पूरे सदन को बताना चाहता हूं कि विद्यमान स्पीकर की नियुक्ति जब हुई, तब दोनों दलों के नेता ने एक साथ उन्हें आसन पर बैठाने का काम किया। इसका मतलब है कि स्पीकर को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने एक प्रकार से मुक्त माहौल भी देना है और दायित्वों के निर्वहन के लिए उनका समर्थन भी करना है।

मगर आज स्पीकर के निर्णय पर कोई असहमति तो व्यक्त हो सकती है, लेकिन लोकसभा के नियमों में स्पीकर के निर्णयों को अंतिम माना गया है। इसके विपरित विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवालिया निशान खड़ा किया। ये लोकसभा भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत है, और न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर में हमारी लोकतंत्र की साख बनी है, गरिमा बनी है... और पूरी दुनिया लोकतंत्र की इस प्रतिष्ठा को स्वीकार करती है।लेकिन जब इस पंचायत के मुखिया पर, उसकी निष्ठा पर सवालिया निशान लगता है तो केवल देश में नहीं, पूरी दुनिया में हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा होता है। लेकिन यहां उनपर शंका के सवाल उठा दिए।

सदन आपसी विश्वास पर चलता है: शाह
अमित शाह बोले, 'मैं बताना चाहता हूं कि 75 साल से इन दोनों सदनों ने हमारे लोकतंत्र की नींव को पाताल से भी गहरा किया है, लेकिन आज विपक्ष ने इस साख पर एक प्रकार से सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। सदन आपसी विश्वास से चलता है।

पक्ष और विपक्ष—दोनों के लिए सदन के जो स्पीकर होते हैं, वे कस्टोडियन होते हैं। इसलिए नियम बनाए गए हैं। यह सदन कोई मेला नहीं है; यहां नियमों के अनुसार चलना पड़ता है। जो बातें सदन के नियम परमिट नहीं करते, उस तरह से बोलने का किसी को अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।'

 

 

#Amit Shah

Source : Agency

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