Friday, April 17th, 2026

MP के तीन जिलों में खुलेगा Oil Seed Hub, किसानों को मिलेगा उन्नत बीज और तकनीक का लाभ

ग्वालियर
प्रदेश में खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब प्रदेश के तीन जिले ऑयल सीड हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश के तीन कृषि विज्ञान केन्द्रों में यह सीड हब स्थापित किए जाएंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) ने इसके लिए साढ़े सात करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। ये हब अलीराजपुर, शिवपुरी और ग्वालियर में शुरू किए जाएंगे।

फसलों के बीज तैयार किए जाएंगे
सीड हब के जरिए किसानों को तिलहन फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। यहां मूंगफली, सरसों, तिल और सोयाबीन जैसी प्रमुख तिलहन फसलों के बीज तैयार किए जाएंगे। यह कदम किसानों को बेहतर पैदावार के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई का भी जरिया बनेगा। मूंगफली का बढ़ रहा रकबा पिछले कुछ वर्षों में मालवा क्षेत्र के अलावा चंबल के शिवपुरी इलाके में भी किसानों ने मूंगफली की खेती शुरू कर दी है। यहां मूंगफली का रकबा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मांग के अनुरूप बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे।

किसानों को मिलेगा फायदा
ऐसे में नई किस्मों की मूंगफली बीज उत्पादन की दिशा में यह सीड हब किसानों की बड़ी जरूरत पूरी करेगा। अलीराजपुर में तिल सीड हब और ग्वालियर में सोयाबीन, सरसों, तिल और मूंगफली सीड हब बनेगा। सीड हब से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेंगे। इससे उनकी उपज बढ़ेगी और आय में भी इजाफा होगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल न केवल प्रदेश को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने आयल सीड हब बनाने के लिए राशि मंजूरी कर दी है। यह हब किसानों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। उन्हें बाजार से बीज नहीं खरीदना पड़ेगा इससे उनकी लागत कम होगी। 

 

 

#Oil Seed

Source : Agency

आपकी राय

10 + 15 =

पाठको की राय